उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां UPSC (IAS) की तैयारी कर रहे एक 17 वर्षीय छात्र ने जेंडर आइडेंटिटी संकट (gender dysphoria) के कारण अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया। छात्र को लगता था कि वह लड़की है, और इस ‘परिवर्तन’ के लिए उसने खुद को एनेस्थीसिया इंजेक्शन लगाया। यह मामला 11 सितंबर 2025 को सामने आया, जब छात्र दर्द से तड़पते हुए अस्पताल पहुंचा।
घटना का विवरण
छात्र की पृष्ठभूमि: छात्र सिविल लाइन्स इलाके के एक लॉज में रहकर UPSC की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि 14 साल की उम्र में एक डांस प्रोग्राम के दौरान उसे पहली बार ‘अजीब’ अहसास हुआ, जब बाकी लड़कों की तरह महसूस नहीं कर पाया। धीरे-धीरे यह भावना इतनी प्रबल हो गई कि वह खुद को लड़की मानने लगा।
कदम कैसे उठाया: छात्र ने गूगल और यूट्यूब से सर्जरी की प्रक्रिया सीखी। एक डॉक्टर (या कथित सलाहकार) की सलाह पर उसने मेडिकल स्टोर से एनेस्थीसिया इंजेक्शन और सर्जिकल ब्लेड खरीदा। अपने कमरे में ही इंजेक्शन लगाकर प्राइवेट पार्ट काट लिया और खुद ही मरहम-पट्टी भी कर ली।
अस्पताल पहुंचना: कुछ घंटों बाद दर्द असहनीय हो गया, तब साथियों ने उसे SRN अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि यह बेहद रेयर केस है, और छात्र को तत्काल सर्जरी करनी पड़ी। अब उसका इलाज चल रहा है, साथ ही काउंसलिंग भी शुरू की गई है।
कदम कैसे उठाया: छात्र ने गूगल और यूट्यूब से सर्जरी की प्रक्रिया सीखी। एक डॉक्टर (या कथित सलाहकार) की सलाह पर उसने मेडिकल स्टोर से एनेस्थीसिया इंजेक्शन और सर्जिकल ब्लेड खरीदा। अपने कमरे में ही इंजेक्शन लगाकर प्राइवेट पार्ट काट लिया और खुद ही मरहम-पट्टी भी कर ली।
अस्पताल पहुंचना: कुछ घंटों बाद दर्द असहनीय हो गया, तब साथियों ने उसे SRN अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि यह बेहद रेयर केस है, और छात्र को तत्काल सर्जरी करनी पड़ी। अब उसका इलाज चल रहा है, साथ ही काउंसलिंग भी शुरू की गई है।
विशेषज्ञों की राय
डॉक्टरों के अनुसार, यह जेंडर डिस्फोरिया का गंभीर मामला है, जहां व्यक्ति की शारीरिक पहचान और मानसिक भावना में गहरा विरोधाभास होता है। ऐसे मामलों में पेशेवर मनोचिकित्सकीय मदद जरूरी है, लेकिन छात्र ने अकेले ही खतरनाक कदम उठा लिया। यह घटना भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, खासकर युवाओं में जेंडर आइडेंटिटी से जुड़े मुद्दों पर सवाल खड़े करती है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
X (पूर्व ट्विटर) पर इस घटना को लेकर कई पोस्ट वायरल हो रही हैं। एक पोस्ट में इसे ‘शॉकिंग’ बताते हुए छात्र की उम्र और तैयारी का जिक्र किया गया है, साथ ही डॉक्टरों की काउंसलिंग सलाह पर जोर दिया गया है।
यह मामला न केवल व्यक्तिगत संकट को दर्शाता है, बल्कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की याद दिलाता है। यदि आपको या किसी परिचित को ऐसी समस्या हो, तो तुरंत काउंसलर या हेल्पलाइन (जैसे 104 या 1Life: 78930-78930) से संपर्क करें।
यह मामला न केवल व्यक्तिगत संकट को दर्शाता है, बल्कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की याद दिलाता है। यदि आपको या किसी परिचित को ऐसी समस्या हो, तो तुरंत काउंसलर या हेल्पलाइन (जैसे 104 या 1Life: 78930-78930) से संपर्क करें।








