22 दिसंबर उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कोडीन कफ सिरप और नकली दवाओं से जुड़ी मौतों पर चर्चा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश होने के समय उठे इस मुद्दे पर सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े कोडीन कफ सिरप होलसेलर को लाइसेंस सपा ने ही जारी किया था। इसी बहस में उन्होंने विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष किया, जिससे सदन में जमकर हंगामा मच गया।
सीएम योगी ने क्या कहा?
कोडीन कफ सिरप के मामलों पर सफाई देते हुए सीएम योगी ने कहा:
“देश के अंदर दो नमूने हैं—एक दिल्ली में, एक लखनऊ में। जब भी देश में कोई महत्वपूर्ण मुद्दा उठता है तो यह देश छोड़कर भाग जाते हैं। दिल्ली वाला बड़े मुद्दों के समय विदेश भाग जाता है, लखनऊ वाला बबुआ भी सैर-सपाटे के लिए लंदन भाग जाएगा, और आप लोग यहां कोडीन पर चिल्लाते रह जाएंगे।”
यह बयान स्पष्ट रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी (दिल्ली) और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (लखनऊ, ‘बबुआ’ संबोधन से) पर निशाना साधता नजर आया। सीएम ने आगे कहा कि यूपी में कोडीन से अब तक एक भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है, और सरकार एसटीएफ व विभागीय टीमों के जरिए छापेमारी व कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से “झूठ मत बुलवाइए”।
सपा की प्रतिक्रिया: हंगामा और वाकआउट
सीएम के ‘दो नमूने’ वाले बयान पर सपा विधायक भड़क गए। सदन में नारेबाजी शुरू हो गई, और विपक्ष ने स्पष्टीकरण की मांग की। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बयान का हवाला देकर विरोध जताया। हंगामे के बीच सपा विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट की कि सीएम ने किसी का नाम नहीं लिया, और बयान तथ्यों पर आधारित था।
पृष्ठभूमि: कोडीन कफ सिरप विवाद
यूपी में कोडीन कफ सिरप का उत्पादन नहीं होता, सिर्फ स्टॉक व वितरण है (मध्य प्रदेश, हिमाचल आदि से आता है)।
विपक्ष ने नकली दवाओं से मौतों का मुद्दा उठाया, लेकिन सीएम ने कहा कि यूपी में ऐसी कोई मौत दर्ज नहीं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हो रही है, और बुलडोजर एक्शन भी संभव। सपा कार्यकाल में लाइसेंस जारी होने का आरोप लगाया गया।








