तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि दूषित पर्यावरण का भयंकर दुष्परिणाम : बीके तरुण

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सुभाष चंद्र कुमार

समस्तीपुर पूसा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समस्तीपुर रेलवे स्टेशन परिसर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन द्वारा डीइएनएचएम अनुराग, कृष्ण भाई एवं सविता बहन ने सामूहिक रूप से किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके तरुण ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत 1973 ई० में की गई लेकिन आज से 100 वर्ष पहले जब पर्यावरण दिवस नहीं मनाया जाता था, तब हर दिन पर्यावरण दिवस ही होता था क्योंकि हमारी संपूर्ण जीवनशैली पर्यावरण के मूलभूत सिद्धांतों के साथ मेल खाती थी।

हमारा जीवन भौतिकवादिता, स्वार्थ, लोभ-वृत्ति और दिखावे की भावना से प्रेरित न होकर नियमित, संयमित, सादगी, सहनशीलता और प्रकृति-प्रेम से प्रेरित था। यह आज की प्रकृति विरोधी जीवनशैली का ही परिणाम है कि तेजी से जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी, प्रदूषण और अवशिष्ट पदार्थों के कारण धरती के भूमि क्षेत्र का 20% से ज्यादा हिस्सा अनुपयुक्त हो चुका है। प्रतिवर्ष लगभग 1600 करोड़ वृक्ष सारे विश्व में काट दिए जाते हैं।

यानी प्रति मिनट 400 से भी ज्यादा। लगाये 200 करोड़ से भी कम वृक्ष जा रहे हैं। हाल के दिनों में तेजी से तापमान वृद्धि इसी का भयंकर दुष्परिणाम है। वृक्ष आसपास के तापमान को दो से चार फ़ीसदी तक कम करने का काम करते हैं। यह बात उन्होंने इस वर्ष की थीम- हमारी पृथ्वी, हमारा भविष्य के संबंध में कही। उन्होंने कहा ब्रह्माकुमारीज़ वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हर दिशा में कार्य कर रहा है।

पिछले दो वर्षों में संस्थान के द्वारा देश भर में लाखों वृक्ष लगाए गए। भारत सरकार के जल जन अभियान में सहभागी बन देशभर में जल संरक्षण के लिए कार्य किए गए। संस्थान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी अग्रणी होकर कार्य कर रहा है। यहां के भाई-बहनों द्वारा अपनाई जाने वाली सादा जीवन, उच्च विचार वाली जीवनशैली पर्यावरण के लिए पूर्णतया अनुकूल है। संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण संबंधी अनेक संस्थाओं ने इसके वृहद कार्यों को देखते हुए इसे पर्यवेक्षक का दर्जा प्रदान किया है।

डीइएनएचएम अनुराग ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के द्वारा यहां उपस्थित रेलकर्मी एवं यात्रियों को जो जागरूकता मिली है उसको जीवन में अपनाएंगे और अपने संपर्क के लोगों को भी प्रेरित करेंगे तो हम पर्यावरण की रक्षा की एक कड़ी बन जाएंगे। उन्होंने कहा आज संकल्प लें कि हम अपनी पृथ्वी को पाॅल्यूट नहीं, सैल्यूट करेंगे।

बीके सविता बहन ने राजयोग मेडिटेशन द्वारा शुभ संकल्पों की शक्ति से पर्यावरण को शुद्ध करने की विधि बताई एवं अभ्यास कराया।कृष्ण भाई ने कार्यक्रम का संचालन किया। सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प करवाया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से एसएसई/इएनएचएम आशुतोष कुमार, एसएसई/सीएंडडब्ल्यू भास्कर प्रसाद सिन्हा, सीएचआई आर. एन. झा सहित रेलवे के अनेक कर्मचारीगण एवं प्रणय भाई, विजय भाई, सुशील भाई आदि मौजूद थे।

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