राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कथित दहेज मृत्यु के मामले में थाना कटारा हिल्स, भोपाल नगरीय में अपराध क्रमांक 133/2026 दर्ज किया गया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 80(2), 85, 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज है।
अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य शासन ने मामले के अनुसंधान को CBI को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के अंतर्गत मध्य प्रदेश सरकार ने CBI को पूरे राज्य में जांच संबंधी शक्ति और क्षेत्राधिकार देने की सहमति प्रदान की है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सहमति मामले से जुड़े अपराध, दुष्प्रेरण और कथित षड्यंत्र की जांच पर भी लागू होगी।
हाईकोर्ट पहुंचे परिजन
दो दिन पहले भोपाल की एक अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग वाली ट्विशा के परिजनों की याचिका को खारिज कर दिया था। ट्विशा के परिजनों के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार ने भोपाल के एम्स में हुए पहले पोस्टमार्टम में खामियों को बताते हुए दूसरे पोस्टमार्टम के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया है।
पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास व पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

