जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर थाने के बाहर सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब प्रॉपर्टी कारोबारी राजेश शर्मा (55) ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इस घटना से थाने में हड़कंप मच गया। राजेश, जो सेठी कॉलोनी के रहने वाले थे, ने सुबह करीब 7:45 बजे थाने के पास पेट्रोल की बोतल छिपाकर लाया और अचानक खुद पर डालकर आग लगा ली। जलता हुआ वह थाने के गेट की ओर दौड़ा, लेकिन सड़क पर गिर गया। पुलिस ने तुरंत आग बुझाकर उसे सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उनकी 60% से अधिक शरीर झुलस चुका है।
घटना का कारण:
राजेश शर्मा का आरोप था कि उनके कारोबारी पार्टनर कैलाश माहेश्वरी ने उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये का कर्ज दिया था, जिसका 1.17 करोड़ रुपये ब्याज वे चुका चुके थे, लेकिन मूल राशि अब भी बकाया थी। कैलाश द्वारा लगातार धमकियां और परिवार के सामने गाली-गलौज से परेशान होकर राजेश ने यह कदम उठाया। शनिवार को कैलाश उनके घर पहुंचा और अभद्रता की, जिसके बाद राजेश ने ट्रांसपोर्ट नगर थाने में शिकायत दर्ज की थी। हालांकि, पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे आहत होकर राजेश ने आत्मदाह का प्रयास किया।
पुलिस और परिवार की प्रतिक्रिया:
राजेश के भाई अशोक शर्मा ने बताया कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया, जिससे राजेश मानसिक रूप से टूट गए। डीसीपी (पूर्व) तेजस्विनी गौतम ने बताया कि राजेश की शिकायत पर 28 जून को कैलाश के खिलाफ धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने कैलाश के खिलाफ मोटा ब्याज वसूलने और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है। मजिस्ट्रेट के समक्ष राजेश के बयान दर्ज किए जाएंगे।
पृष्ठभूमि : राजेश ने तीन साल पहले तक कैलाश माहेश्वरी के साथ प्रॉपर्टी कारोबार में साझेदारी की थी। कर्ज के दबाव में उन्होंने आगरा रोड पर अपना मकान तक बेच दिया था। वर्तमान में वे सेठी कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। इस घटना ने सूदखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को फिर से तेज कर दिया है।

