Tribute : सपाइयों ने नेताजी की जयंती मनाई 

नोएडा।  समाजवादी पार्टी के संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय नेताजी की जयंती समाजवादी पार्टी कार्यालय सेक्टर 11 स्थित  कार्यालय पर आयोजित की गई सपा नेता रामवीर यादव, देवेन्द्र सिंह अवाना एवं देवेन्द्र गुर्जर अध्यक्ष नोएडा विधानसभा ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ मा मुलायम सिंह यादव नेता जी के चित्र पर माल्यार्पण कर जयंती मनाई एवं विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया।
विचार गोष्ठी में रामवीर यादव, नरेन्द्र शर्मा ने भी अपने विचार रखे भारत के एक राजनेता एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे। वे भारत के रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं।  वे मूलतः एक शिक्षक थे किन्तु शिक्षण कार्य छोड़कर वे राजनीति में आये थे। तथा समाजवादी पार्टी बनायी थी ।
मुलायम सिंह यादव अपने राजनीतिक जीवन में 10 बार विधायक चुने गए और 7 बार सांसद भी रहे. वे तीन बार उत्तर प्रदेश के सीएम बने
. नेताजी का जीवन संघर्ष सफलता की अनूठी मिसाल है उनका जीवन संघर्ष प्रेरणादायक है नेताजी गांव गरीब किसान मजदूर की समस्याओं को समझते थे इसलिए मुलायम सिंह यादव जी को धरतीपुत्र के नाम की ख्याति प्राप्त हुई उन्होंने विषम परिस्थितियों के बावजूद वह कर दिखाया जिस का सपना देखना भी किसी साधारण इंसान के लिए मुश्किल है।
सपा नेता देवेंद्र अवाना ने कहा कि नेता जी ने किसानों मजदूरों और दबे कुचले लोगों के लिए किये गये कार्यों को याद किया कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे नेता जी के बताए रास्ते पर चलेंगे जैसे नेता जी कमजोरो की आवाज बने वैसे ही हम लोग भी कमजोरो की समस्याओं के लिए संघर्ष करेंगे।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष देवेंद्र गुर्जर ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने नेताजी के आत्मीयता के संबंधों को आत्मसात करने की बात कही चौधरी चरण सिंह के बाद यदि किसी नेता ने किसानों की सुध ली तो वे नेता जी ही थे उन्होंने नेताजी के आत्मीयता के संबंधों को याद करते हुए कहां की जो व्यक्ति नेताजी से जुड़ गया उन्होंने कभी नेताजी को नहीं छोड़ा नेताजी कार्यकर्ताओं को डांटते भी स्नेह भी करते थे और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझते थे
इस मौके पर सपा नेता देवेन्द्र सिंह अवाना, रामवीर यादव, देवेन्द्र गुर्जर, नरेन्द्र शर्मा, विक्की तंवर,यामीन खान आदि उपस्थित रहे।

  • Related Posts

    भारतीय सोशलिस्ट मंच ने मनाई भगत सिंह जयंती

    आज महान क्रांतिकारी, महान विचारक और भारत माता…

    Continue reading
    अगर भगत सिंह आज ज़िंदा होते: तो वे भारत के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और सांप्रदायिक हालात पर कैसी प्रतिक्रिया देते?

    एस. आर. दारापुरी    “भगत सिंह शायद एक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बड़ी चुनौती

    सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बड़ी चुनौती

    मेरठ नीला ड्रम केस: आया कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल दोषी करार

    मेरठ नीला ड्रम केस: आया कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल दोषी करार

    यूपी राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट कौन और कब होगा ऐलान? अखिलेश ने बताया

    यूपी राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट कौन और कब होगा ऐलान? अखिलेश ने बताया

    गेंहूं-चना समेत इन छह फसलों की बढ़ी MSP, मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले

    गेंहूं-चना समेत इन छह फसलों की बढ़ी MSP, मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले

    SIR को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, ‘बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा…’

    SIR को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, ‘बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा…’

    कौन होता है प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया? कितनी होती है उसकी सैलरी

    कौन होता है प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया? कितनी होती है उसकी सैलरी