जॉर्ज फर्नांडिस साहेब से जुड़े तीन किस्से

डॉ. सुनीलम

जॉर्ज फर्नांडिस के जन्मदिवस के अवसर पर तीन किस्से साँझा कर रहा हूं.
यह 26 तुगलक क्रीसेंट का किस्सा है.कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली में मिल रहे थे तब जॉर्ज साहेब ने मुझसे रात के 10 बजे बुलाकर कहा कि कल कामनवेल्थ गेम्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना है। उस समय मोबाइल फोन नहीं होता था। मैंने उन्हें कहा कि तमाम राष्ट्राध्यक्ष आपके मित्र और परिचित है, कम संख्या में विरोध करने पर बेज्जती होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर को फोन कर दो और ठीक समझो तो कल पार्टी कार्यालय आ जाना। दूसरे दिन 10 बजे सुबह जब मैं जंतर मंतर पहुंचा तब वहां 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 25 से ज्यादा घोड़े के साथ पुलिस मौजूद थी। हम चार लोगों के साथ नारा लगाते हुए जॉर्ज फर्नाडिस कार्यालय से निकले। जंतर मंतर पर भीड़ इकट्ठी हो गई। डीटीएस की बस पर चढ़कर उन्होंने भाषण देना शुरू किया। अगले दिन दुनिया के सभी अख़बारों में राष्ट्राध्यक्ष की तस्वीर के साथ जॉर्ज फर्नाडिस के विरोध के साथ तस्वीर प्रकाशित हुई।
सार यह है वे कहते थे जो गलत लगे उसका विरोध करने में संख्या के बारे में मत सोचो।
दूसरा किस्सा पंजाब से जुडा है, जब वहां उग्रवाद चरम पर था.दिल्ली में एक बार प्रकाश सिंह बादल ने संविधान जलाया उसके बाद वे जॉर्ज साहब से मिलने हौज खास कार्यालय में आए, जॉर्ज साहेब ने उन्हें ध्यान से देखा और कहा यह तुमने क्या किया?
बादल जी रोने लगे और यह कहने लगे कि मैं राष्ट्रभक्त हूं मुझे गलत मत समझना। मैंने देखा कि दोनों काफी देर तक गले लग कर रोते रहे। यह दोनों के राष्ट्रप्रेम को प्रदर्शित करता है.
तीसरा मैंने बिहार चुनाव से जुडा अनुभव है जब उनकी रात-रात भर सभा होती थीं ।
वे एम्बेसडर कार में पीछे की सीट पर लेटते थे। मंच के पास जब गाड़ी पहुंचती थी तब उठ कर
45 मिनट भाषण देते थे । फिर अगली सभा के लिए निकल जाते थे। आरा में चन्द्रदेव वर्मा जी के लिए सुबह 3 बजे उन्हें भाषण दिया था.
रात-रात भर सभा के लिए किसी नेता को सुनने के लिए इंतजार करे यह देख पाना अब संभव नहीं है। आजकल सभाओं के लिए टेंट और माइक के इंतजाम के साथ-साथ भीड़ भी नगद नारायण के साथ इकट्ठी की जाती है।
जॉर्ज फर्नाडिस अब नहीं हैँ लेकिन उनकी याद उनके प्रियजनों के दिल में आज भी ताजा हैँ ।

डॉ. सुनीलम
पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान संघर्ष समिति,

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