अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मध्यस्थता से 10 अक्टूबर को लागू हुए युद्धविराम के तहत कुछ बंधकों की रिहाई हुई थी, लेकिन अब दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते तनाव बढ़ गया है। इजरायल ने हमास पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए गाजा पर हमले फिर शुरू कर दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम (28 अक्टूबर 2025 तक):
बंधकों की रिहाई और विवाद: युद्धविराम के तहत हमास ने कुछ बंधकों के शव सौंपे, लेकिन 27 अक्टूबर को सौंपा गया शव गलत निकला—यह दो साल पहले इजरायल द्वारा ही बरामद किए गए एक बंधक का था, न कि बाकी 13 मृत बंधकों में से किसी का। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “स्पष्ट उल्लंघन” बताया और “कड़ी कार्रवाई” का ऐलान किया।
रफाह में गोलीबारी: दक्षिणी गाजा के रफाह में गोलीबारी हुई, जिसमें एक इजरायली सैनिक घायल हो गया। हमास ने इससे इनकार किया, लेकिन इजरायल ने हमास को जिम्मेदार ठहराते हुए हमले शुरू कर दिए।
इजरायली हमले: 28 अक्टूबर को गाजा में कई हवाई हमले हुए, जिसमें कम से कम 20 फिलिस्तीनी मारे गए (उत्तर गाजा के सबरा इलाके में 4, दक्षिणी खान यूनिस में 5) और 50 से ज्यादा घायल। एक मिसाइल अल-शिफा अस्पताल के पास गिरी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। युद्धविराम लागू होने के बाद से कुल 94 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
हमास का जवाब: हमास ने इजरायली हमलों को “खुले उल्लंघन” करार दिया और एक बंधक के शव की सौंपने में देरी की घोषणा की। हमास ने कहा कि वह समझौते का पालन कर रहा है, लेकिन इजरायल की कार्रवाइयों से बाधा आ रही है।
अमेरिका का रुख:
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि युद्धविराम अभी भी बरकरार है और यह “छोटी-मोटी झड़पें” सामान्य हैं। अमेरिका ने इजरायल को हमलों से पहले सूचित किया गया था, लेकिन ट्रंप प्रशासन पूरे समझौते को बचाने पर जोर दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी दबाव के कारण युद्ध पूरी तरह फिर शुरू होने की संभावना कम है।
आगे क्या?
इजरायल के दक्षिणपंथी मंत्री (जैसे बेजलेल स्मोट्रिच और इतामार बेन-ग्विर) युद्धविराम तोड़ने, सहायता रोकने और हमास नेताओं पर हमला करने की मांग कर रहे हैं।
हमास ने बाकी 13 बंधकों के शव निकालने में कठिनाई बताई, क्योंकि गाजा में तबाही मची हुई है।
फिलहाल, युद्धविराम “लटक रहा” है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने से स्थिति नाजुक बनी हुई है। इजरायल ने सहायता की आपूर्ति पर भी पाबंदी लगाई है।






