मध्य प्रदेश के एक मंत्री जी ने कल सागर में कहा है कि आपातकाल में एक लाख चालीस हजार लोग गिरफ्तार हुए थे, जिनमें से एक लाख लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ के थे। दलवार आंकड़ा उन्हें कहां से प्राप्त हुए इसकी जानकारी मुझे नहीं नहीं है परंतु यह तथ्य यह है की जो लोग आपातकाल में गिरफ्तार हुए थे उनमें मध्य प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या जनसंघ के मित्रों की थी और बिहार, उत्तर प्रदेश हरियाणा इन राज्यों में सर्वाधिक संख्या भारतीय क्रांति दल सोशलिस्ट पार्टी और जय प्रकाश जी के समर्थक गैर दलीय लोगो व छात्रों की थी। जनसंघ के लोग बहुत कम संख्या में थे। चूंकि गुजरात में जनता की सरकार बन चुकी थी कांग्रेस सरकार नहीं थी स्व बाबू भाई पटेल उसके मुख्यमंत्री थे अतः गुजरात में कोई ज्यादा गिरफ्तारया नहीं हुई थीं और इसी प्रकार से महाराष्ट्र में भी जो गिरफ्तारया हुई थी उनमें शिवसेना के लोग थे सोशलिस्ट पार्टी के लोग थे और कुछ लोग सीपीएम और जनसंघ के थे ।यह बात की गुजरात में गिरफ्तारिया कम हुई थी स्वतः भारत के गृहमंत्री श्री अमित शाह ने स्वीकार किया है और सार्वजनिक रूप से बयान में भी कहा है। अच्छा हो की मप्र सरकार के मंत्री लोग तथ्यों का पता कर लें ।दूसरा कभी वह संख्या भी पता कर ले की मध्य प्रदेश में जो लोग गिरफ्तार हुए थे उनमें यद्यपि माफी मांगने वालों की बड़ी संख्या संख्या भी जनसंघ के मित्रों की थी ।
देश में आपातकाल के बारे में उपदेश वह लोग पढा रहे हैं जो आपातकाल में एक भी दिन जेल में नहीं रहे है ।
हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री जी गृहमंत्री जी और अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री लोग आज ऐसे हैं जो आपातकाल में जेल में नहीं थे। परंतु जो लोग जेल में थे ,जिन्होंने यातनाएं सही हैवे मीडिया की मुख्य धारा में नहीं है,क्योंकि मीडिया सत्ता और पैसे के प्रभाव में रहता है अतः उनकी चर्चा कम हो रही है और सत्ता पक्ष की चर्चा कुछ ज्यादा है । हमारी व्यवस्था का ही यह दोष है ।
अगर भविष्य में कोई सरकार उन दस्तावेजों को प्रकाशित करेगी तो ऐसे ऐसे नाम सामने आयेंगे जिसकी कल्पना भी आज के सत्ताधारी मित्रों को नही होगी।
रघु ठाकुर
संरक्षक लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी








