नीट से लेकर लेखपाल, जेई, पुलिस, सीयूईटी की परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। सैकड़ों प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। सरकार अपनी कमियों को दुरुस्त करने के बजाय देश के छात्रों और नौजवानों पर अनर्गल आरोप लगा रही है। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों के मन में दहशत पैदा की है, जिसके कारण नीट परीक्षा देने वाले तकरीबन 17 बच्चे आत्महत्या जैसा भयावह कदम उठाने को मजबूर हो गए। हजारों की संख्या में बच्चे दहशत के कारण एंजायटी के शिकार हो गए। छात्रों में भय, कुंठा व निराशा पैदा हुई है, जिसके लिए सीधे तौर पर धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं। इन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव व पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग जब दिल्ली की सड़कों पर किसान आंदोलन हो रहा था तो इसी तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान को अपने इस बयान के लिए देश के छात्रों और नौजवानों से माफी मांगनी चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार व पेपर लीक जैसे मसलों पर सरकार को गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि देश के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।








