एक युवक (नाम विशाल रघुवंशी बताया जा रहा है) स्कूली छात्राओं का पीछा करता था। वह तंत्र-मंत्र की किताब पढ़ते हुए और एक खास इत्र (जिसे वह “सिद्ध” या जादुई मानता था) लगाकर/छिड़ककर लड़कियों को वश में करने या आकर्षित करने की कोशिश करता था।
वह स्कूल से निकलने वाली छात्राओं (खासकर प्राइवेट स्कूल की) का पीछा करता, स्कूल वैन तक फॉलो करता।
रास्ते भर मंत्र बड़बड़ाता या किताब से पढ़ता रहता।
छात्राओं पर इत्र छिड़कने या खुद पर लगाकर “प्रभाव डालने” की कोशिश करता। कुछ रिपोर्ट्स में अश्लील हरकतों का भी जिक्र है। छात्राओं के परिजनों की गुप्त शिकायत पर अशोकनगर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी को सलूजा टावर के पास से पकड़ा।
तलाशी में उसके पास से:
इत्र की शीशी/बोतल (जिसे वह वशीकरण के लिए इस्तेमाल करता था)
तंत्र-मंत्र से जुड़ी किताब/किताबें
बरामद हुईं। पूछताछ में उसने कबूल किया कि इत्र लगाकर और मंत्र पढ़कर वह लड़कियों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शहर कोतवाल रविप्रताप सिंह चौहान ने इसकी पुष्टि की है।
यह मामला कई न्यूज़ चैनलों और वेबसाइट्स (आज तक, नवभारत टाइम्स, जी न्यूज़, अमर उजाला, पत्रिका आदि) पर छपा, और सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। ऐसे मामलों में अंधविश्वास और स्टॉकिंग/छेड़छाड़ दोनों गंभीर मुद्दे हैं।








