जेफरी एपस्टीन फाइल्स : नवीनतम रिलीज और मुख्य खुलासे

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी वित्तीयकर्मी थे, जिन पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और ट्रैफिकिंग का आरोप था। उनकी मौत 2019 में जेल में संदिग्ध रूप से हुई थी। “एपस्टीन फाइल्स” से तात्पर्य उन अदालती दस्तावेजों, जांच रिपोर्टों और सबूतों से है जो समय-समय पर सार्वजनिक किए जाते हैं। हाल ही में, 19 दिसंबर 2025 को अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने एपस्टीन फाइल्स एक्ट के तहत हजारों दस्तावेज जारी किए, जो राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा नवंबर 2025 में हस्ताक्षरित कानून पर आधारित है। यह रिलीज आंशिक है—कुल 3,900 फाइलें (लगभग 3 जीबी डेटा) जारी हुईं, लेकिन सैकड़ों हजारों और दस्तावेज बाकी हैं।

 

जारी की गई मुख्य सामग्री

 

दस्तावेज और रिपोर्ट: 96-पृष्ठ की पाम बीच पुलिस रिपोर्ट (2006), जिसमें एक 15-16 वर्षीय लड़की के यौन शोषण का विस्तृत वर्णन है—एपस्टीन ने उसे लॉन्जरी मॉडलिंग के बहाने बुलाया, मालिश के दौरान हस्तमैथुन किया और चेतावनी दी कि राज खोला तो “बुरा होगा”। 1996 की एक शिकायत जिसमें एपस्टीन की “चाइल्ड पोर्नोग्राफी” में रुचि का जिक्र है, जिसे FBI ने नजरअंदाज कर दिया था—यह शिकायतकर्ता मारिया फार्मर की 30 साल पुरानी दावा को सत्यापित करती है। उड़ान लॉग, हाथ से लिखे नोट्स (जैसे नाओमी कैंपबेल का एपस्टीन के द्वीप पर जाना), ग्रैंड जूरी ट्रांसक्रिप्ट्स (कुछ पूरी तरह रेडैक्टेड)।
फोटो और वीडियो: एपस्टीन के घरों (मैनहट्टन, द्वीप) की तस्वीरें, हार्ड ड्राइव, सबूत फोल्डर। जेल निगरानी वीडियो (एपस्टीन की मौत की रात कोई सेल में नहीं घुसा)। 95,000 फोटो का बैच, जिसमें एपस्टीन ट्रम्प और क्लिंटन के साथ।
अन्य: घिस्लेन मैक्सवेल का इंटरव्यू ट्रांसक्रिप्ट (जिसमें उन्होंने ट्रम्प को अनुचित स्थिति में न देखने की बात कही), ईमेल, दैनिक शेड्यूल (एलन मस्क, पीटर थील, स्टीव बैनन का जिक्र—मस्क ने 2014 में “द्वीप” जाने का सुझाव दिया)।

 

प्रमुख नाम और खुलासे

 

बिल क्लिंटन: सबसे अधिक उल्लेख—हॉट टब में अज्ञात व्यक्ति के साथ फोटो, एपस्टीन के साथ सांस्कृतिक परिधान में, माइकल जैक्सन और डायना रॉस के साथ विमान में। क्लिंटन के प्रवक्ता ने कहा कि यह उनके बारे में नहीं है और अपराधों का पता चलने से पहले संबंध तोड़ लिया था।
डोनाल्ड ट्रम्प: न्यूनतम—एक ड्रॉअर में फोटो, उनकी किताब शेल्फ पर। कोई गलत काम का आरोप नहीं; पुराने दस्तावेजों में एपस्टीन ने ट्रम्प के बारे में ईमेल किए, लेकिन मैक्सवेल ने ट्रम्प को अनुचित न देखने की बात कही।
प्रिंस एंड्र्यू: महिलाओं की गोद में सिर रखे फोटो (चेहरा रेडैक्टेड), मैक्सवेल पास। पहले वर्जीनिया गिफ्रे के मुकदमे में सेटलमेंट (गिफ्रे की 2025 में आत्महत्या)।
नाओमी कैंपबेल: द्वीप विजिट का जिक्र; फ्लाइट लॉग में नाम। उन्होंने एपस्टीन के कार्यों से “नफरत” जताई।
अन्य: वाल्टर क्रॉनकाइट (एपस्टीन के साथ 7 फोटो), जीन-लुक ब्रूनल (मॉडलिंग एजेंट, 2022 में जेल में मौत), पीड़िताएं जैसे तीला डेविस। कुल 1,200+ पीड़ितों के नाम संरक्षित। भारतीय हस्तियों का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं मिला।
नए खुलासे: FBI की 1996 की शिकायत नजरअंदाज करने से पीड़िताओं को नुकसान; एपस्टीन की शक्ति से लड़कियां डरती थीं। कोई ब्लैकमेल या क्लाइंट लिस्ट का सबूत नहीं, लेकिन रिश्वत और धमकी के संकेत।

 

आलोचना और आगे क्या?

 

रिलीज पर भारी रेडैक्शन (550+ पेज पूरी तरह काले) की आलोचना—डेमोक्रेट्स (शुमर, खन्ना) और रिपब्लिकन्स (मैसी) ने कहा कि यह कानून का उल्लंघन है। DOJ का कहना है कि पीड़ित गोपनीयता, राष्ट्रीय सुरक्षा और चल रही जांच के लिए। अगले हफ्तों में और रिलीज, 15 दिनों में रेडैक्टेड आइटम्स की लिस्ट। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बहस तेज—पूर्ण रिलीज की मांग, क्लिंटन कनेक्शन पर फोकस।

  • Related Posts

    ‘लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा, किसी के इनकार से सच्चाई नहीं बदल सकती’, MEA की चीन को दो टूक 

    लद्दाख को लेकर दिए बयान के बाद भारत…

    Continue reading
    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल, MEA- बंद कीजिए

    अमेरिका-ईरान में तनाव के बीच ओमान के तट…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    कौशांबी हुई राममयी – राम चौक, हनुमान द्वार, श्रीराम पार्क अब रामलीला महोत्सव

    कौशांबी हुई राममयी – राम चौक, हनुमान द्वार, श्रीराम पार्क अब रामलीला महोत्सव

    ‘लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा, किसी के इनकार से सच्चाई नहीं बदल सकती’, MEA की चीन को दो टूक 

    ‘लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा, किसी के इनकार से सच्चाई नहीं बदल सकती’, MEA की चीन को दो टूक 

    राकेश रफीक के परिवारजनों से मिलने बिलारी पहुंचे डॉ. सुनीलम

    राकेश रफीक के परिवारजनों से मिलने बिलारी पहुंचे डॉ. सुनीलम

    मोदी सरकार को फिर से झुकाएंगे किसान, एसआईआर के खिलाफ भी संभाला मोर्चा!

    मोदी सरकार को फिर से झुकाएंगे किसान, एसआईआर के खिलाफ भी संभाला मोर्चा!

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!