नई दिल्ली। 8 वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. वहीं, अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि आयोग का औपचारिक गठन पहले ही किया जा चुका है। इसकी अधिसूचना 3 नवंबर को जारी की गई थी।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को लिखित जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि आयोग तय समय सीमा के भीतर अपनी सिफारिशें देगा। राज्यसभा सांसदों ने सरकार से पूछा था कि 8वां वेतन आयोग किन मुद्दों की समीक्षा करेगा और उसकी सिफारिशें कब तक लागू की जाएंगी। इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में जानकारी दी कि, सरकार 8वां वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनधारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन की शर्तों की समीक्षा करेगा. उन्होंने आगे बताया कि, आयोग तय समय सीमा के अनुसार अपनी सिफारिशें पेश करेगा।
बताते चले कि, आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. जिससे साफ पता चलता है कि आयोग साल 2027 में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. सिफारिशें आने के बाद ही सरकारी की ओर से आगे की कार्यवाही की जाएगी. यानी कि, केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता हैं।
वेतन आयोग से बढ़ने वाले खर्च पर अभी तस्वीर साफ नहीं
सांसदों ने 8वें वेतन आयोग से जुड़ा एक अहम सवाल यह भी उठाया कि इसकी सिफारिशें लागू होने पर सरकार के बजट पर कितना अतिरिक्त भार पड़ेगा. इस पर सरकार ने साफ किया कि फिलहाल इस खर्च का सही अनुमान लगाना संभव नहीं है.
सरकार के मुताबिक, जब तक आयोग अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर देता और उसे मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक वास्तविक वित्तीय असर का आकलन नहीं किया जा सकता. यानी बजट से जुड़ी पूरी योजना आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही तैयार की जा सकेगी.
कर्मचारी संगठनों का 12 फरवरी को हड़ताल
कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (CCGEW) ने 12 फरवरी 2026 को देशभर में एक दिन की हड़ताल करने की घोषणा की है. संगठनों की प्रमुख मांगों में 20 फीसदी अंतरिम राहत, 50 फीसदी महंगाई भत्ते को मूल वेतन में जोड़ना और एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना शामिल है. इन मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन कल सड़क पर उतरेंगे।







