ताबूत में आखिरी कील? कौन है इरफान सुल्तानी जिसे ईरान चौराहे पर फांसी देने की तैयारी में !

इरफान सुल्तानी (Erfan Soltani या Irfan Sultani) एक 26 वर्षीय ईरानी युवक हैं, जो तेहरान के पास कराज शहर के फर्दीस (Fardis) इलाके के रहने वाले हैं। वे एक कपड़ों की दुकान चलाते हैं और राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं बताए जाते, बल्कि मौजूदा ईरानी सरकार (सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के नेतृत्व वाली) के खिलाफ चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए।
ये प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत से जारी हैं, जिसमें आर्थिक संकट, महंगाई, भ्रष्टाचार और शासन के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अब तक 2,000 से 2,500 (कुछ रिपोर्टों में 6,000+) लोगों की मौत हो चुकी है, और 10,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं।

 

इरफान सुल्तानी का मामला

 

गिरफ्तारी: 8 जनवरी 2026 को उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
आरोप: “मोहरेबेह” (Moharebeh) यानी “भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना” या “ईश्वर के दुश्मन” का आरोप लगाया गया, जो ईरान में मौत की सजा वाला अपराध है।
ट्रायल: रिपोर्टों के अनुसार कोई उचित ट्रायल नहीं हुआ, वकील नहीं दिया गया, और महज 2-3 दिनों में मौत की सजा सुनाई गई। परिवार को 11 जनवरी को सूचना दी गई कि सजा 14 जनवरी को अमल होगी।
अंतिम मुलाकात: परिवार को सिर्फ 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की इजाजत मिली।
फांसी का तरीका: कई रिपोर्टों में कहा गया है कि इसे सार्वजनिक रूप से (सरेराह) चौराहे पर क्रेन से लटकाकर फांसी दी जा सकती है, जो ईरान में विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए डर फैलाने की रणनीति मानी जा रही है। यह मौजूदा आंदोलन से जुड़ी पहली ऐसी फांसी होगी।

मानवाधिकार संगठन जैसे Iran Human Rights (IHR), Hengaw, और National Union for Democracy in Iran (NUFD) ने इसे “फास्ट-ट्रैक” या “समरी एक्जीक्यूशन” बताया है और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि इरफान का एकमात्र “अपराध” आजादी और बेहतर जीवन की मांग करना था।

 

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करता है, तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा। उन्होंने कहा, “हेल्प इज ऑन द वे” और “यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा”। ईरान ने जवाब में ट्रंप और नेतन्याहू को “हत्या करने वाला” बताया।
यह मामला ईरान में जारी अशांति को और भड़का सकता है, क्योंकि ऐसी सार्वजनिक फांसी विरोध को दबाने के बजाय और तेज कर सकती है।

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