फैज-ए-इलाही मस्जिद का पूरा विवाद, बुलडोजर एक्शन से लेकर तुर्कमान गेट बवाल

फैज-ए-इलाही मस्जिद (सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद या मस्जिद व दरगाह सैयद फैज इलाही) दिल्ली के पुरानी दिल्ली क्षेत्र में तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान के निकट स्थित एक ऐतिहासिक मस्जिद है। यह 18वीं शताब्दी की बताई जाती है और सूफी संत हजरत शाह फैज-ए-इलाही से जुड़ी हुई है। हालिया विवाद जनवरी 2026 में शुरू हुआ, जब MCD ने मस्जिद से सटे अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन किया, जिस दौरान पथराव और हिंसा हुई।

 

विवाद की शुरुआत और पृष्ठभूमि

 

जमीन का मुद्दा: मस्जिद को 1940 में करीब 0.195 एकड़ जमीन लीज पर मिली थी। MCD और सरकारी एजेंसियों का दावा है कि इससे अधिक जमीन पर बने ढांचे (जैसे बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर/डिस्पेंसरी, पार्किंग, दुकानें आदि) अवैध अतिक्रमण हैं। सैटेलाइट इमेजेस से पता चला कि ये ढांचे 2024-2025 में बने।
कोर्ट का आदेश: नवंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD और PWD को रामलीला मैदान में करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने के लिए 3 महीने का समय दिया। दिसंबर 2025 में MCD ने नोटिस जारी किया और हियरिंग की, जिसमें दिल्ली वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी शामिल हुईं, लेकिन कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले।
मस्जिद कमेटी का दावा: जमीन वक्फ संपत्ति है और कब्रिस्तान भी शामिल है। उन्होंने MCD के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 6 जनवरी 2026 को अंतरिम रोक नहीं मिली।

 

बुलडोजर एक्शन और तुर्कमान गेट बवाल

 

कब और कैसे हुआ: 6-7 जनवरी 2026 की आधी रात (लगभग 1 बजे) को MCD ने भारी पुलिस सुरक्षा में 17-32 बुलडोजरों से कार्रवाई शुरू की। मस्जिद खुद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, सिर्फ सटे अवैध ढांचे (बारात घर, डिस्पेंसरी, दुकानें आदि) ढहाए गए।
हिंसा: अफवाह फैली कि मस्जिद गिराई जा रही है (सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए, जैसे “मस्जिद घिरी है, घर से निकलो”)। स्थानीय लोग जमा हुए, नारेबाजी की, बैरिकेड तोड़े और पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
नुकसान: 5 पुलिसकर्मी घायल (एक SHO गंभीर)। 5-10 लोग गिरफ्तार/हिरासत में। इलाका छावनी बना, RAF तैनात।
अन्य कनेक्शन: कुछ रिपोर्ट्स में दिल्ली के हालिया ब्लास्ट के आरोपी आतंकी उमर का मस्जिद से लिंक बताया गया (CCTV में वहां देखा गया), लेकिन MCD ने कहा कि एक्शन का इससे सीधा संबंध नहीं, सिर्फ अतिक्रमण के खिलाफ।

 

विभिन्न पक्षों के बयान

 

MCD/प्रशासन: कोर्ट ऑर्डर का पालन, सिर्फ अवैध हिस्सा हटाया, मस्जिद सुरक्षित।
विपक्ष/मुस्लिम संगठन: जमात-ए-इस्लामी हिंद ने इसे मुस्लिमों पर दबाव बताया। केरल CM पिनारायी विजयन ने इमरजेंसी की याद दिलाई। कुछ नेताओं (जैसे इमरान मसूद) ने सवाल उठाए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: BJP ने पथराव की निंदा की, अफवाह फैलाने वालों पर आरोप। SP MP की मौजूदगी पर सवाल।

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