पश्चिम चम्पारण। बिहार बंद का पूरे राज्य में असर दिखा। चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से बुलाए गए बंद में कांग्रेस, राजद, वामदल, वीआईपी समेत सभी सातों विपक्षी दलों के कार्यकर्ता सड़को पर प्रदर्शन करते दिखे। पटना में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सुबह 10 बजे से सड़कों पर उतरे इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने करीब दो बजे तक प्रदर्शन किया। बेतिया में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रमोद सिंह पटेल ने कहा कि चुनाव आयोग जो मतदाता पुनरीक्षण करा रही है उसमें तेरह प्रकार के कागज में से किसी एक को देना है, यह मतदाता पुनरीक्षण चुनाव के पहले करा रही है यह सही नहीं है, यह काम चुनाव के बाद भी चुनाव आयोग करा सकती थी। सरकार पूरी तरह हताश हो चुकी है। देश के तमाम स्वायत्त संस्थानों पर कब्जा किया जा रहा है और सरकार ने चुनाव आयोग को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस दौरान राजद के प्रधान महासचिव अमर यादव ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहती है इसीलिए मतदाता पुनरीक्षण करा रही है। सरकार गरीब मजदूरों के वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है। कांग्रेस नेता रवि भूषण ने कहा कि हमारा मांग है कि चुनाव आयोग द्वारा लिए गए फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और उसे वापस लिया जाए। आगे उन्होंने कहा गरीबों का हक छीनने का प्रयास किया जा रहा है, जो कभी सफल नहीं होने देंगे। मौके पर विधानसभा प्रवेक्षक अब्राहम राय मणि, हारीश भैया पवार, मोहम्मद हसन खान, भारत भूषण दुबे, साहेब हुसैन अंसारी, विनय यादव, प्रभु यादव, ओमप्रकाश क्रांति, विजय चौधरी, लालबाबू चौधरी, अमजद खान, सुनील राव, फरहान राजा, प्रभुराज नारायण राव, राधा मोहन यादव, शकुंतला देवी इत्यादि महागठबंधन के कार्यकर्ता थे।







