सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू), गौतम बुद्ध नगर, ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कासना थाना पुलिस द्वारा की गई। लाठीचार्ज, के साथ महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की, बदसलूकी और मारपीट की घटना की सीटू संगठन घोर निंदा करता है। जिम्स अस्पताल के लगभग 700 आउटसोर्स कर्मचारी, जो अस्पताल के कुल स्टाफ का लगभग 80% हैं, पिछले 15 जून 2026 से नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शांतिपूर्ण हड़ताल पर बैठे थे।
घटना का विवरण – अखबारों के अनुसार:
24 जून, बुधवार की रात वार्ता फेल होते ही दमन की रणनीति अपनाई गई।
1. रात 8 बजे ही संस्थान का मुख्य गेट बंद कर दिया गया, सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए और बिजली सप्लाई भी काट दी गई। 2. रात करीब 8:00 बजे कासना थाना पुलिस ने बड़ी संख्या में पहुंचकर धरना स्थल पर बैठे पुरुष व महिला कर्मचारियों को जबरन खदेड़ना शुरू कर दिया। 3. कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें करीब 70 कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनमें से 4 की हालत गंभीर है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। कई महिला कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की गई। 4. रात 9:30 बजे कर्मचारियों को बेसमेंट में ले जाया गया और रात करीब 12:30 बजे जिम्स की बसों में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया।
इस कार्रवाई के कारण अस्पताल में करीब 500 ऑपरेशन टल चुके हैं, और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीटू इस अमानवीय पुलिस दमन को लोकतंत्र और श्रमिक अधिकारों पर सीधा हमला मानता है। कोविड योद्धा रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अपराधियों जैसा सलूक शर्मनाक है।
जिम्स कर्मचारियों की मुख्य मांगें, जिनके लिए वे धरने पर हैं:
1. वर्षों की सेवा, अनुभव एवं कोविड काल में दिए गए योगदान को देखते हुए सभी कर्मचारियों को स्थायी (Regular/Permanent) किया जाए। 2. यदि तत्काल स्थायीकरण संभव नहीं है, तो जब तक अंतिम निर्णय न हो, सभी वर्तमान कर्मचारियों को GIMS की संविदा में 60 वर्ष की आयु तक तत्काल समायोजित किया जाए। 3. समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए – शैक्षिक योग्यता, अनुभव एवं कार्य की प्रकृति के आधार पर वेतन निर्धारित हो। 4. वर्तमान निदेशक के कार्यकाल में निकाली गई सभी शासकीय रिक्तियों के विज्ञापन को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तक तत्काल प्रभाव से स्थगित/निरस्त किया जाए। 5. उत्तर प्रदेश सरकार एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर संस्थान में भर्ती प्रक्रियाओं तथा प्रशासनिक निर्णयों की निष्पक्ष जांच कराए। 6. धरना-प्रदर्शन में शामिल किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न, प्रताड़ना, अनुशासनात्मक कार्रवाई या बिना सहमति ट्रांसफर न किया जाए। 7. यदि प्रबंधन मांगें पूरी करने में असमर्थ है, तो निदेशक महोदय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।
सीटू, गौतम बुद्ध नगर की मांगें:
1. जिम्स लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाए। 2. सभी घायल कर्मचारियों का निःशुल्क इलाज और उचित मुआवजा दिया जाए। 3. हिरासत में लिए गए सभी कर्मचारियों को तुरंत रिहा किया जाए, उन पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। 4. जिम्स प्रबंधन तुरंत कर्मचारियों से वार्ता कर उपरोक्त 7 सूत्री मांगों को लागू करे। यदि प्रशासन ने 48 घंटे में कार्रवाई नहीं की, तो सीटू गौतम बुद्ध नगर जिले भर में आंदोलन तेज करेगा और जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन और जिम्स प्रबंधन की होगी।








