इसलिए सुनीता को मुख्यमंत्री बनाएंगे केजरीवाल!

चरण सिंह

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के सीएम पद से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद अब चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि आखिरकार अरविंद केजरीवाल किसे मुख्यमंत्री बनाएंगे ? मुख्यमंत्री बनाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि छह महीने से पहले दिल्ली में विधानसभा चुनाव नहीं होने जा रहे हैं। यदि सीएम पद की बात करें तो आतिशी का नाम सबसे आगे चल रहा है। पर समीकरण के हिसाब से अरविंद केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाना चाहेंगे,  जिस तरह से मुख्यमंत्री परिवार से अलग हटकर मुख्यमंत्री बनाने के बाद पार्टी के नेता को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा है।
दरअसल राजनीति में जिस मुख्यमंत्री ने भी परिवारवाद से अलग हटकर किसी अपने करीबी को मुख्यमंत्री बनाया तो उसने उसके लिए कांटे ही बिछाए। एक बार नीतीश कुमार ने अपने साथी जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था कि उन्हें पद से हटाना मुश्किल हो गया। उन्होंने जदयू छोड़कर अपनी हम पार्टी अलग से बना ली। हेमंत सोरेन ने जेल जाने से पहले अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बन बनाकर अपने करीबी सीनियर लीडर चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया था।  चंपई सोरेन अब बीजेपी में हैं। उनका कहना है कि उनका अपमान किया गया है। हां लालू प्रसाद ने जेल जाने से पहले अपनी पत्नी राबड़ी देवी को जरूर मुख्यमंत्री बना दिया था। तो क्या केजरीवाल लालू प्रसाद का रास्ता अख्तियार कर अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनवाएंगे।
सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनवाने की पीछे एक वजह यह भी है कि मुख्यमंत्री आवास नहीं छिनेगा। जहां तक परिवारवाद के आरोप की बात है तो बीजेपी भले ही इसे मुद्दा बनाये पर आम आदमी पार्टी में किसी नेता की मजाल नहीं है कि केजरीवाल के फैसले का विरोध कर दे। दरअसल आम आदमी पार्टी में जो मीटिंग चल रही हैं। यह सब औपचारिकता है। केजरीवाल ने नये मुख्यमंत्री के नाम का चयन कर ही इस्तीफा देने की योजना बनाई होगी। यदि केजरीवाल को सुनीता के अलावा किसी ओर को मुख्यमंत्री बनाना होता तो जेल में 177 दिन नहीं काटते। केजरीवाल ने अपनी पत्नी को राजनीति से हिसाब से तैयार किया है। दरअसल सुनीता केजरीवाल विभिन्न कार्यक्रमों में जाती रही हैं। केजरीवाल के जेल जाने के बाद सुनीता केजरीवाल ने मोर्चा संभाल लिया था। केजरीवाल की अनुपस्थिति में सुनीता केजरीवाल उनकी कुर्सी पर बैठकर संदेश देती रही हैं।
क्योंकि केजरीवाल पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है। वह जमानत पर जेल से बाहर आये हैं। वह नहीं चाहेंगे कि कोई और मुख्यमंत्री पद पर बैठकर अपनी लोकप्रियता बढ़ाए और उनके लिए दिक्कत पैदा करे। वैसे भी मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पाकर कोई भी नेता बदल सकता है। केजरीवाल नहीं चाहेंगे कि उनके जेल जाने क बाद आप का कोई नेता पार्टी पर होल्ड करे। यही वजह रही कि संजय सिंह और मनीष सिसोदिया के जेल से बाहर आने के बाद केजरीवाल ने आतिशी को बढ़ावा दिया।

  • Related Posts

    Special on Poona Pact Day : पूना पैक्ट और उसके प्रतिकूल प्रभावों का मुकाबला करने की दलित राजनीति

    एस आर दारापुरी    1932 का पूना पैक्ट दलित…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ‘ये अहंकार नहीं तो क्या है? बीजेपी वाले गुंडागर्दी…’, थप्पड़ कांड पर भड़की कांग्रेस

    ‘ये अहंकार नहीं तो क्या है? बीजेपी वाले गुंडागर्दी…’, थप्पड़ कांड पर भड़की कांग्रेस

    विथ्या रामराज ने तोड़ा पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड, गुलवीर सिंह ने जीता सिल्वर

    विथ्या रामराज ने तोड़ा पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड, गुलवीर सिंह ने जीता सिल्वर

    UP राज्यसभा चुनाव में सपा से कौन जाएगा सदन?

    UP राज्यसभा चुनाव में सपा से कौन जाएगा सदन?

    भारतीय सोशलिस्ट मंच ने मनाई भगत सिंह जयंती

    भारतीय सोशलिस्ट मंच ने मनाई भगत सिंह जयंती

    इजरायली PM ने UAE का किया सीक्रेट दौरा! राष्ट्रपति से नेतन्याहू ने की मुलाकात 

    इजरायली PM ने UAE का किया सीक्रेट दौरा! राष्ट्रपति से नेतन्याहू ने की मुलाकात 

    TMC के चुनाव चिह्न पर SC ने EC को दी डेडलाइन

    TMC के चुनाव चिह्न पर SC ने EC को दी डेडलाइन