तेज प्रताप ने इस पोस्टर के जरिए गांधीवादी नैतिक मूल्यों और सामाजिक न्याय पर जोर दिया है। उनका संदेश है कि वे पिछड़े, दलित और गरीब वर्गों के साथ मिलकर जनकेंद्रित राजनीति करेंगे। हालांकि, पोस्टर में परिवार के बजाय राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को जगह देकर उन्होंने एक नया राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
महात्मा गांधी – अहिंसा और सत्याग्रह के प्रतीक।
डॉ. भीमराव अंबेडकर – संविधान निर्माता और दलित उत्थान के नायक।
कर्पूरी ठाकुर – बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, पिछड़े वर्गों के मसीहा।
जयप्रकाश नारायण – संपूर्ण क्रांति के सूत्रधार।
राम मनोहर लोहिया – समाजवादी विचारक और सामाजिक समानता के पक्षधर।
ये तस्वीरें तेज प्रताप के पोस्टर को एक वैचारिक रूप देती हैं, जो RJD की पारिवारिक राजनीति से अलग दिखने की कोशिश करती हैं।
पृष्ठभूमि: क्यों निकाले गए तेज प्रताप?
मई 2025 में तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव के साथ अपनी तस्वीर शेयर की, जिसे लेकर विवाद हुआ। पहले उन्होंने अकाउंट हैक होने का दावा किया, लेकिन बाद में रिश्ते को स्वीकारा।
इसके बाद लालू यादव ने उन्हें परिवार से बेदखल कर दिया और 6 साल के लिए RJD से निष्कासित कर दिया।
सितंबर 2025 में नई पार्टी की घोषणा के साथ ही यह पोस्टर सामने आया, जो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले आया है।

