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तेज प्रताप ने तेजस्वी को दिया पहला चैलेंज, जनशक्ति जनता दल से महुआ से लड़ेंगे चुनाव

बिहार की राजनीति में लालू परिवार के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) से आगामी विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें वे खुद वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह उनकी पुरानी सीट है, जहां से वे 2015 में विधायक चुने गए थे और महागठबंधन सरकार में मंत्री बने थे। तेज प्रताप ने नामांकन 15 अक्टूबर को करने का प्लान बनाया है, जो उनके भाई तेजस्वी यादव के राघोपुर नामांकन के ही दिन है।

तेजस्वी को पहली सीधी चुनौती

महुआ सीट वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पास है, जहां से उनके विधायक मुकेश रौशन हैं। तेज प्रताप की यह उम्मीदवारी तेजस्वी यादव को पहली सीधी चुनौती मानी जा रही है, खासकर लालू परिवार के आंतरिक टकराव के बीच। तेज प्रताप ने कहा है कि अगर तेजस्वी दो सीटों से चुनाव लड़ते हैं, तो वे राघोपुर से भी मैदान में उतरेंगे। आरजेडी ने अभी अपनी उम्मीदवार सूची जारी नहीं की है, लेकिन महुआ पर तेज प्रताप के खिलाफ मजबूत दावेदार उतारना तय लगता है। तेजस्वी ने पिता लालू यादव के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे उन्हें अच्छी तरह जानते हैं।

उम्मीदवारों की सूची में प्रमुख नाम

जनशक्ति जनता दल की पहली सूची में तेज प्रताप का नाम सबसे ऊपर है। पार्टी ने हसनपुर या राघोपुर जैसी सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, बल्कि वेट-एंड-वॉच पॉलिसी अपना रही है। सूची में 10 सीटें ऐसी हैं जहां आरजेडी के सिटिंग विधायक हैं, जो आरजेडी को नुकसान पहुंचाने की रणनीति का संकेत देती है। कुछ प्रमुख उम्मीदवार:

महुआ: तेज प्रताप यादव
पटना साहिब: मीनू कुमारी
जगदीशपुर: नीरज राय
वजीरगंज: प्रेम कुमार
मधेपुर: संजय यादव
बेलसंड: विकास कुमार कवि
शाहपुर: मदन यादव
बख्तियारपुर: डॉ. गुलशन यादव
बिक्रमगंज: अजीत कुशवाहा
अतरी: अविनाश
बेनीपुर: अवध किशोर झा
मनेर: शंकर यादव
डुमराँव: दिनेश कुमार सूर्या
महनार: जय सिंह राठी
हिसुआ: रवि राज कुमार

 

राजनीतिक निहितार्थ

यह कदम लालू परिवार में फूट को और गहरा सकता है। तेज प्रताप के पास गंवाने को कुछ नहीं है, जबकि तेजस्वी की साख दांव पर है। आरजेडी पर महागठबंधन में सीट बंटवारे की देरी, कांग्रेस का दबाव, और आईआरसीटीसी केस जैसी चुनौतियां हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं – कुछ इसे आरजेडी को कमजोर करने की साजिश बता रहे हैं, तो कुछ तेज प्रताप को नई उम्मीद के रूप में देख रहे हैं। कुल मिलाकर, महुआ सीट चुनावी सुर्खियों में बनी रहेगी।

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