योगी आदित्यनाथ को छेड़ना मतलब मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालना!

चरण सिंह 

लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने यदि सबसे बुरी हार का सामना किया है तो वह उत्तर प्रदेश है। भाजपा के लिए दिक्कत भरी बात यह भी है कि वह उत्तर प्रदेश को रोल मॉडल मानकर चल रही थी। भाजपा उत्तर प्रदेश से 80  में से 80 सीटें जीतने के सपने देख रही थी और उसे मिली 36  सीटें। यह भी कहा जा सकता है कि भाजपा को अकेले अपने दम पर बहुमत नहीं मिला तो वह उत्तर प्रदेश के कारण नहीं मिला। भाजपा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन को देश के सभी प्रदेशों से अच्छा शासन करार दे रही थी। योगी आदित्यनाथ का बुल्डोजर देश और दुनिया में प्रसिद्ध बटोर रहा था। यही वजह है कि जब शनिवार को योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट की मीटिंग बुलाई तो दोनों डिप्टी सीएम उस मीटिंग में नहीं पहुंचे। फिर क्या था कि राजनीतिक हलके में हल्ला मच गया कि योगी आदित्यनाथ जाने वाले हैं।

ऐसे में प्रश्न उठता है कि जिन योगी आदित्यनाथ को भाजपा अपने सभी मुख्यमंत्रियों में से सबसे अच्छा मानती है। जिनका हवाला दूसरे प्रदेशों में दिया जाता है। जिन योगी आदित्यनाथ को नरेंद्र मोदी के बाद बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जाता है। जिन लोगों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, ऐसे योगी आदित्यनाथ को क्या बीजेपी छेड़ सकती है। इसमें दो राय नहीं कि योगी आदित्यनाथ के समर्थक न केवल राजपूत बल्कि सभी वर्ग से हैं। खुद बीजेपी में उनके समर्थन में 80 फीसदी बीजेपी खड़ी हो सकती है। उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश समेत कितने प्रदेशों में जनता के भड़काने का पूरा अंदेशा है।

दरअसल पहले चरण के मतदान से पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ में एक रैली को संबोधित करने गए तो उन्होंने योगी आदित्यनाथ की अनदेखी कर नायब सिंह सैनी को ज्यादा तवज्जो दी। राजनीति के गलियारे में यह चर्चा घर कर गई कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद योगी आदित्यनाथ को हटाया जा सकता है। इस चर्चा को हर तब मिली जब गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश का चुनाव अपने हाथ में ले लिया। खबरें तो यह भी आईं कि अमित शाह ने कानपुर में लगभग ३०० बीजेपी के कार्यकर्ताओं की मीटिंग की। इस मीटिंग में योगी आदित्यनाथ को नहीं बुलाया गया। उत्तर प्रदेश के राजपूतों के दिमाग में यह बात बैठ गई कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ राजनीतिक रूप से चलता कर सकते हैं।

राजकोट से चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला की राजपूत समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी तो एक बहाना था पर राजपूतों में इस बात का गुस्सा ज्यादा था कि राजपूतों को इस बात का एहसास हो गया था कि चुनाव के बाद यदि प्रचंड बहुमत के साथ मोदी सरकार बन जाती है तो अमित शाह योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटवा सकते हैं। यही वजह रही कि सहारनपुर ननौता में जो राजपूतों की पंचायत हुई। उस पंचायत में राजपूतों ने भाजपा को हराने का संकल्प ले लिया। राजपूतों का नारा था कि योगी से बैर नहीं मोदी तेरी खैर नहीं। मतलब राजपूत भाजपा को इस स्थिति में पहुंचाना चाहते थे कि मोदी और अमित शाह योगी को हटा न पाएं।

राजपूतों ने ननौता के बाद नोएडा के सदरपुर गांव, गाजियाबाद के हापुड़ और बुलंदशहर में पंचायत की और भाजपा को हराने का आह्वान किया। रूपाला प्रकरण को लेकर गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक में गुस्सा था। राजपूतों की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि राजपूत समाज परंपरागत रूप से भाजपा से जुड़ा रहा पर बीजेपी के नेता ने राजपूतों का अपमान किया पर भाजपा का नेतृत्व इस ओर कुछ नहीं बोला। यही वजह रही जब भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तो राजपूत समाज ने इस अपनी जीत माना। करणी सेना के अध्यक्ष ने बाकायदा वीडियो जारी की भाजपा को नसीहत दे डाली।

  • Related Posts

    आपातकाल के जश्न की तैयारियां
    • TN15TN15
    • June 22, 2026

    प्रोफेसर राजकुमार जैन ‌‌ 25 जून 1975 में…

    Continue reading
    डोनाल्ड ट्रम्प की गुगली में फंसे मोदी, भारत को बड़ा झटका देंगे अमेरिका के राष्ट्रपति ?
    • TN15TN15
    • June 19, 2026

    चरण सिंह  फ़्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    थलपति विजय की रणनीति पर चलेगी कांग्रेस! यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन पर सलमान खुर्शीद ने कह दी बड़ी बात

    • By TN15
    • June 23, 2026
    थलपति विजय की रणनीति पर चलेगी कांग्रेस! यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन पर सलमान खुर्शीद ने कह दी बड़ी बात

    महाराष्ट्र में हो गई मानसून की एंट्री! 12 दिन देरी से पहुंचा, मुंबई समेत कई अन्य हिस्सों में बारिश   

    • By TN15
    • June 23, 2026
    महाराष्ट्र में हो गई मानसून की एंट्री! 12 दिन देरी से पहुंचा, मुंबई समेत कई अन्य हिस्सों में बारिश   

    Explained: NEET UG री-एग्जाम पेपर खत्म, सवाल अधूरे! अंडरगारमेंट्स में फोन से लेकर हिजाब तक कैसे बना बवाल?

    • By TN15
    • June 23, 2026
    Explained: NEET UG री-एग्जाम पेपर खत्म, सवाल अधूरे! अंडरगारमेंट्स में फोन से लेकर हिजाब तक कैसे बना बवाल?

    दुनिया को बेधड़क तेल बेचेगा ईरान, अमेरिका ने हटा लिया बैन, भारत को होगा बंपर फायदा!    

    • By TN15
    • June 23, 2026
    दुनिया को बेधड़क तेल बेचेगा ईरान, अमेरिका ने हटा लिया बैन, भारत को होगा बंपर फायदा!    

    कांग्रेस संगठन में होंगे बड़े फेरबदल, 4 महासचिवों की होगी छुट्टी, इन राज्यों में बदलेंगे प्रभारी!

    • By TN15
    • June 23, 2026
    कांग्रेस संगठन में होंगे बड़े फेरबदल, 4 महासचिवों की होगी छुट्टी, इन राज्यों में बदलेंगे प्रभारी!

    राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंचा लखनऊ अग्निकांड का मामला, शिकायतकर्ता ने की विस्तृत जांच की मांग

    • By TN15
    • June 23, 2026
    राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंचा लखनऊ अग्निकांड का मामला, शिकायतकर्ता ने की विस्तृत जांच की मांग