पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सदस्य 9 मई को कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेंगे। इससे पहले 8 मई को दोपहर करीब 3 बजे के बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चयन किया जाएगा। इसी नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
चुनाव के बाद हिंसा को लेकर बढ़ी हलचल
वहीं दूसरी ओर, राज्य में चुनाव के बाद हो रही हिंसा और घटनाओं को लेकर भी राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के सचिव इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सक्रिय हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस तारीख को खास तौर पर इसलिए चुना गया है क्योंकि यह गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, जिससे इस कार्यक्रम को सांस्कृतिक महत्व भी मिल जाता है।
वहीं, चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई विधानसभा के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे राज्यपाल को भेज दिया गया है। इसके साथ ही राज्य में चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है और नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
बीजेपी ने किसे नियुक्त किया पर्यवेक्षक?
सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बीजेपी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। दोनों नेता नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री और कैबिनेट के नामों पर अंतिम निर्णय लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह गुरुवार को कोलकाता पहुंचकर विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। हाल ही में हुए चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ा बहुमत हासिल किया है, जबकि टीएमसी 80 सीटों तक सिमट गई है। ऐसे में पार्टी अब मजबूत नेतृत्व के साथ नई सरकार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी किसे मुख्यमंत्री बनाएगी इस पर पूरे देश की नजर है। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार के दौरान ये कई बार कह चुके हैं। पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री कोई लोकल और जो बंगाली बोलता हो वही होगा।