व्यायाम, ध्यान, योगाभ्यास आदि का अभ्यास करते हैं उनमें चिंता और तनाव का स्तर उन लोगों की अपेक्षा कम पाया गया जो इसका अभ्यास नहीं करते हैं। राजयोग ध्यान, ध्यान के एक प्रकार के तौर पर चिंता और तनाव के स्तर को कम करने तथा स्वस्थ एवं प्रसन्न रहने की क्षमता में सुधार करने में आधारभूत विधियों से ज्यादा सक्षम और सुविधाजनक है।
आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में अपने लिए समय न निकाल पाने के कारण लोग बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं | हर कोई एक स्वस्थ जीवन जीने में समझौता कर रहा है। इस तरह की जीवनशैली ज्यादा देर तक नहीं चल सकती किंतु हम योगाभ्यास, ध्यान योग आदि का अभ्यास करके बेहतर स्वास्थ्य बनाए रख सकते हैं। वर्तमान में जीवन की हलचल को दूर करने के लिए योग और ध्यान को अपने जीवन में शामिल करना समय की मांग है। उन्होंने बताया- इस अध्ययन में
कुल 241 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिन्हें संस्थान के दो संकाय सदस्यों प्रो उषा किरण, निश्चेतना विभाग एवं डॉ दिव्या जैन बाल नेत्र रोग विभाग एवं राजयोग ध्यान के प्रशिक्षक के निर्देशन में एक माह तक प्रत्येक दिन 20 मिनट का ध्यान का अभ्यास कराया गया।अध्ययन का डॉ. दिव्या जैन और डॉ उषा किरण द्वारा साइंटिफिक पेपर भी पब्लिश किया जा चुका है।