हाल ही में जम्मू-कश्मीर में ईरान से निकाले गए 110 छात्रों जो उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे के लिए खराब हालत वाली बसें उपलब्ध कराई गईं। ये छात्र भारत सरकार के ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत दिल्ली पहुंचे थे। छात्रों ने बसों की जर्जर स्थिति, जैसे टूटी सीटें और खराब सुविधाओं, पर निराशा जताई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्रों ने बताया कि इतने तनावपूर्ण सफर के बाद उन्हें बेहतर व्यवस्था की उम्मीद थी।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले का संज्ञान लिया और तुरंत बेहतर डीलक्स बसों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रशासन ने शुरू में गलत बसें भेजीं, लेकिन अब छात्रों को सुरक्षित और आरामदायक तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए नई बसें भेजी गई हैं। इसके अलावा, बीएसएफ जवानों के लिए भी हाल ही में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी के लिए खराब हालत वाली ट्रेन की घटना सामने आई थी। जवानों ने गंदे और जर्जर डिब्बों के कारण यात्रा करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चार अधिकारियों को निलंबित किया और नई ट्रेन की व्यवस्था की। दोनों घटनाएं सरकारी व्यवस्थाओं में लापरवाही को उजागर करती हैं, हालांकि दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई।

