बागी सांसदों के मुद्दे को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद अरविंद सावंत ने कहा कि पिछले हफ्ते हम आए थे और स्पीकर साहब को हमने निवेदन किया था। उस निवेदन में हमने यह कहा था कि संविधान की रक्षा आपको करनी है। हमने यह कहा था कि आप बिना हमारी सुनवाई के कोई निर्णय न लें. आज शाम 5:00 बजे का उन्होंने हमें समय दिया था और मुलाकात हुई. हमने स्पीकर साहब से कहा कि अगर कोई आपके पास बागी गुट का पत्र आया है तो हमें बताएं. इस पर उन्होंने कहा कि अभी ऐसा कुछ नहीं आया है और हमें कागज नहीं मिला।
अलग-अलग बैठने की व्यवस्था नहीं हो सकती- सावंत
अरविंद सावंत ने आगे कहा, “हमने यह कहा कि जो संविधान का प्रावधान है, उसकी रक्षा करने के हिसाब से किसी भी को मान्यता नहीं मिल सकती। अलग-अलग बैठने की भी व्यवस्था नहीं हो सकती।
निर्णय प्रक्रिया के तहत ही होंगे- देसाई
लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करने अनिल देसाई भी पहुंचे थे. उनसे जब सवाल किया गया कि स्पीकर ने क्या आश्वासन दिया तो उन्होंने कहा, “स्पीकर साहब ने हमें आश्वासन दिया है कि निर्णय प्रक्रिया के तहत ही होंगे। उसको छोड़कर कोई इर्द-गिर्द बात नहीं होगी. जो भी आवेदन बागी गुट की तरफ से आए हैं, उन्होंने यह कहा कि हम अपनी ऑफिस की तरफ से उसकी जांच करेंगे. जो भी व्यवस्था होगी उसे व्यवस्था के हिसाब से हम निर्णय करेंगे।
देसाई ने कहा कि हमने उनको जानकारी दी कि संविधान के शेड्यूल 10 में साफ लिखा हुआ है कि लेजिस्लेचर पार्टी का दो तिहाई बहुमत भी क्यों ना हो वह किसी भी और कहीं दल में जा नहीं सकता. किसी भी पार्टी में ना तो शामिल हो सकता है, ना मर्ज हो सकता है।

