अभिजीत पाण्डेय
पटना। ‘इंडिया’ गठबंधन ने आगामी 1 जून को बैठक बुलाई है. इसके लिए सभी घटक दलों को न्योता भेजा गया है. नतीजे से पहले होने वाली इस बैठक को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
चिराग पासवान ने कहा, “ये लोग बैठक बुला रहे हैं। बैठक में ये लोग यही तय करेंगे कि किस दिन किसके घर पर मटन बनेगा और किसके घर पर नहीं। इंडिया अलायंस में लोगों के बीच यही चिंता है कि हमने आपको खिला दिया, लेकिन आपने हमको नहीं खिलाया. आप कैसी रेसिपी बनाते हैं, आप इसे चेक कर लीजिए। इन लोगों के पास अब खाना खिलाने के अलावा कोई काम नहीं रह गया है।
अब ये लोग 1 तारीख को यही डिसाइड करेंगे कि चार तारीख को कौन-कौन किसके यहां भोज पर जाएगा। ये लोग सरकार बनाने की चिंता से मुक्त हो जाएंगे, क्योंकि ना ही इन लोगों को सरकार चलानी है और ना ही देश बचाना है। प्रधानमंत्री तीसरी बार शपथ लेने की तैयार कर रहे हैं. ऐसे में इन लोगों के पास फुर्सत के पल हैं। ये लोग इस पल को कैसे बिताएंगे, उसी पर चर्चा करने के लिए बैठक बुला रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन में सनातन को बीमारी बताने वाले लोग शामिल हैं। इस गठबंधन में शामिल सभी लोग सनातन को खत्म करने की बात करते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जी कहते हैं कि शक्ति का विनाश होना चाहिए। वहीं जब प्रधानमंत्री शक्ति की आराधना करते हैं, तो उन्हें यह बात चुभती है। उन्हें समझ नहीं आता कि आखिर यह सब क्यों हो रहा है?“
वहीं बीजेपी नेता संजय जायसवाल ने भी विपक्ष द्वारा आगामी 1 जून को बुलाई गई बैठक को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा, “अगर मरीज के बारे में पता चल जाए कि इसका ब्रेन डेथ हो गया है, तो उस पर चर्चा मौत की घोषणा से पहले होती है। उनको भी अच्छे से पता है कि चार जून को उनका समापन निश्चित है। चार जून के बाद ये लोग बैठक करने के लायक नहीं रहेंगे, इसलिए ये लोग एक जून को अपना शोक सभा कर रहे हैं।
एक जून को इंडिया गठबंधन की बैठक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने से पहले बुलाई गई है। अंतरिम जमानत पर बाहर आए केजरीवाल को दो जून को सरेंडर करना है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है, लेकिन अभी इस पर इंडिया गठबंधन के नेता कुछ भी कहने से बच रहे हैं। बैठक में केजरीवाल, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी दलों के प्रमुखों को न्योता भेजा गया है।

