एसकेएम ने मोदी सरकार की साम्राज्यवाद के आगे पूर्ण आत्मसमर्पण की निंदा की

अमेरिका के साथ व्यापार समझौता भारतीय किसानों को तबाह कर देगा, अमेरिकी कृषि उत्पादों से बाज़ार पाट दिया जाएगा

सोयाबीन, मक्का, कपास और दूध उत्पाद सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी; करोड़ों किसानों की आजीविका पर संकट

4 से 11 फ़रवरी तक गाँव-गाँव अभियान का आह्वान, जनसभाओं में मोदी और ट्रम्प के पुतले जलाने की अपील

12 फ़रवरी को आम हड़ताल के समर्थन में व्यापक जन-प्रदर्शन का आह्वान

संयुक्त किसान मोर्चा ने अमेरिकी साम्राज्यवाद के दबाव में झुकते हुए अमेरिकी वस्तुओं पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क की अनुमति देकर मोदी सरकार द्वारा जनता, विशेषकर किसानों के साथ किए गए विश्वासघात की कड़ी निंदा की है।

एसकेएम को 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया यह बयान याद है कि “किसानों के हितों की रक्षा के लिए वे व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं।” आज वही प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फरमानों के आगे शर्मनाक ढंग से झुकते हुए शून्य आयात कर स्वीकार कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाज़ार में बेरोकटोक आ सकें।

अत्यधिक सब्सिडी प्राप्त अमेरिकी कृषि उत्पादों से भारतीय बाज़ार को भर देने वाला यह व्यापार समझौता भारत के सारे किसानों के परिवारों को तबाह कर देगा। 2024 के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार अमेरिका में केवल 18.8 लाख किसान हैं, जबकि 2015 की कृषि जनगणना के अनुसार भारत में 14.65 करोड़ परिचालित जोतें हैं। भारत की 48% कार्यबल और 65% आबादी कृषि एवं सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है। इस “ऐतिहासिक विश्वासघात” के लिए किसान कभी मोदी को माफ़ नहीं करेंगे।

अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिन्स के अनुसार, इस समझौते के तहत अमेरिका “भारत के विशाल बाज़ार में अधिक अमेरिकी कृषि उत्पाद निर्यात करेगा, जिससे कीमतें बढ़ेंगी और ग्रामीण अमेरिका में नक़दी पहुँचेगी,” जिससे भारत के साथ अमेरिका के 1.3 अरब डॉलर के कृषि व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा कर रहे हैं, वहीं भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ने के लिए आत्मसमर्पण करना अत्यंत शर्मनाक है।

एसकेएम 4 से 11 फ़रवरी तक गाँव-गाँव मोदी सरकार के ख़िलाफ़ अभियान चलाने, नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प — दोनों के पुतले जलाने तथा 12 फ़रवरी को घोषित आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए तहसील और शहरी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर जन-प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान करता है।

  • Related Posts

    किसानों ने दिया देशभक्ति का संदेश, भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में निकाली तिरंगा रैली
    • TN15TN15
    • August 14, 2026

    भारत के 80 में स्वतंत्रता दिवस की धूम…

    Continue reading
    ‘शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो’ के नारे के साथ जंतर-मंतर पर समाजवादियों का प्रदर्शन
    • TN15TN15
    • August 10, 2026

    शिक्षा के अधिकार, सरकारी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सुखबीर बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर की हरसिमरत कौर ने की तारीफ 

    • By TN15
    • August 14, 2026
    सुखबीर बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर की हरसिमरत कौर ने की तारीफ 

    तमिलनाडु सीएम थलपति विजय की सुप्रीम कोर्ट में बहुत बड़ी जीत, करूर भगदड़ केस में मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक 

    • By TN15
    • August 14, 2026
    तमिलनाडु सीएम थलपति विजय की सुप्रीम कोर्ट में बहुत बड़ी जीत, करूर भगदड़ केस में मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक 

    किसानों ने दिया देशभक्ति का संदेश, भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में निकाली तिरंगा रैली

    • By TN15
    • August 14, 2026
    किसानों ने दिया देशभक्ति का संदेश, भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में निकाली तिरंगा रैली

    सीएम योगी का आरोप- बंटवारे में पाकिस्तान को सिंध कांग्रेस ने जबरदस्ती दे दिया

    • By TN15
    • August 14, 2026
    सीएम योगी का आरोप- बंटवारे में पाकिस्तान को सिंध कांग्रेस ने जबरदस्ती दे दिया

    NALSAR विवाद: BCI को CJI की नसीहत, ‘दखल की जरूरत नहीं, मैं भी छात्र था तो सक्रिय था’

    • By TN15
    • August 14, 2026
    NALSAR विवाद: BCI को CJI की नसीहत, ‘दखल की जरूरत नहीं, मैं भी छात्र था तो सक्रिय था’

    दिल्ली समाजवादी बिरादरी का एक खंभा ढह गया

    • By TN15
    • August 14, 2026
    दिल्ली समाजवादी बिरादरी का एक खंभा ढह गया