रीवा । ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय आवाहन पर संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन के साथ देशभर में 4 श्रम संहिताओं को थोपे जाने के खिलाफ रीवा एसकेएम ने मजदूरों के साथ काला दिवस मनाया। एसकेएम के नेता किसान संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव संतकुमार पटेल किसान संघर्ष समिति के संयोजक पुष्पेंद्र सिंह एड मऊगंज जिला अध्यक्ष अजय कुमार पटेल के नेतृत्व में नया बस स्टैंड सरदार पटेल तिराहा रीवा में मजदूरों के साथ काली पट्टी बांधकर कड़ा विरोध जताया है। दौरान विरोध प्रदर्शन मोर्चे के नेता श्रीनिवास पटेल शत्रुघ्न सिंह भैयालाल विश्वकर्मा जावेद खान रामराज भगवानदास साहू दिनेश लोनिया धर्मजीत साकेत राजबहादुर पटेल संतोषपटेल मोहन आदि उपस्थित रहे मोर्चे के नेता शिव सिंह एवं संतकुमार पटेल ने कहा कि मोदी सरकार ये 4 श्रम संहिताएँ 44 केंद्रीय कानूनों और 150 राज्य कानूनों को खत्म करने के उद्देश्य से लाई गई हैं।
ट्रेड यूनियनों ने सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा स्थायी प्रकृति के कार्यों में लगे ठेका श्रमिकों के नियमितीकरण समान कार्य के लिए समान वेतन बोनस ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे अधिकारों के लिए सफलतापूर्वक संघर्ष किया। अब भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार कॉरपोरेट शक्तियों के दबाव में मजदूरों किसानों के खिलाफ लगातार कानून लाकर उनका शोषण कर रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार अनुसूचित जातियों अनुसूचित जनजातियों अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए नौकरियों में आरक्षण के अधिकार को कमजोर कर रही है जिससे सामाजिक न्याय और समानता के संवैधानिक सिद्धांतों से समझौता हो रहा है क्योंकि श्रम संहिताएँ रोजगार के ठेकाकरण को वैध बनाती है और प्रोत्साहित करती हैं। जब ठेका आधारित रोजगार भर्ती का सामान्य तरीका बन जाएगा तो नियोक्ताओं पर सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों को रोजगार देने की कोई बाध्यता नहीं रहेगी। इस प्रकार भाजपा भारत के संविधान को कमजोर कर रही है जो जनता को स्वीकार्य नहीं है।






