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ट्रंप-ममदानी की मीटिंग के बहाने शशि थरूर ने कांग्रेस को दे डाली नसीहत

ट्रंप और जोहरान ममदानी की हालिया व्हाइट हाउस मीटिंग ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क के मेयर-इलेक्ट जोहरान ममदानी (एक डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट, जो ट्रंप के वैचारिक रूप से बिल्कुल विपरीत हैं) के बीच शुक्रवार को हुई इस मुलाकात में दोनों ने चुनावी तनाव भुलाकर गर्मजोशी से बातचीत की। चुनाव से पहले दोनों ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए थे, लेकिन मीटिंग के दौरान हंसी-मजाक और सहयोग की बातें हुईं।
इसी बहाने कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर की, जो सीधे तो अमेरिकी लोकतंत्र की तारीफ करती नजर आती है, लेकिन इशारों-इशारों में भारतीय राजनीति—खासकर कांग्रेस—को नसीहत देती है। थरूर ने लिखा:
“This is how democracy should work. Fight passionately for your point of view in elections, with no rhetorical holds barred. But once it’s over, & the people have spoken, learn to cooperate with each other in the common interests of the nation you are both pledged to serve. I would love to see more of this in India — and am trying to do my part.”
(अनुवाद: “यही लोकतंत्र का तरीका होना चाहिए। चुनावों में अपने विचारों के लिए जोरदार लड़ाई लड़ी जाए, बिना किसी बयानबाजी की सीमा के। लेकिन एक बार चुनाव खत्म हो जाएं और जनता बोल चुकी हो, तो एक-दूसरे के साथ राष्ट्रहित में सहयोग करना सीखें, जिस राष्ट्र की सेवा के लिए आप दोनों प्रतिबद्ध हैं। मुझे भारत में इससे ज्यादा देखना अच्छा लगेगा—और मैं अपना हिस्सा डालने की कोशिश कर रहा हूं।”)
इशारों में क्या कहा?

चुनावी लड़ाई vs पोस्ट-इलेक्शन सहयोग: थरूर का संदेश साफ है—चुनाव में कड़ी टक्कर ठीक है, लेकिन उसके बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष को राष्ट्रहित में एकजुट होना चाहिए। यह सीधा इशारा है हाल के भारतीय चुनावों (जैसे 2024 लोकसभा) के बाद कांग्रेस के आक्रामक रुख की ओर, जहां पार्टी ने बीजेपी सरकार पर लगातार हमले किए हैं, बजाय मुद्दों पर सहयोग के।
‘भारत में ज्यादा देखना चाहूंगा’: यह लाइन कांग्रेस को चुभने वाली है। थरूर खुद कांग्रेस के ‘मॉडरेट’ चेहरे हैं और अक्सर पार्टी लाइन से हटकर सहयोग की वकालत करते हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान पर तंज है, जो ‘नेगेटिव पॉलिटिक्स’ पर अड़े हैं।
बीजेपी की तारीफ, कांग्रेस में बहस: बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने थरूर की पोस्ट की सराहना की और कहा कि क्या राहुल गांधी इसे समझेंगे? इससे कांग्रेस में भी चर्चा छिड़ गई है कि थरूर पार्टी को ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ या सहयोग की दिशा में ले जाना चाहते हैं।

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