शाहिद कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘ओ रोमियो’ (निर्देशक: विशाल भारद्वाज) रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में घिर गई है। फिल्म का टीजर 10 जनवरी 2026 को रिलीज हुआ था, जिसमें लिखा है कि यह “सच्ची घटनाओं से प्रेरित” है। इसी के बाद से अटकलें शुरू हो गईं कि फिल्म मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुख्यात गैंगस्टर हुसैन उस्तारा (असली नाम: हुसैन शेख) की जिंदगी पर आधारित है, और शाहिद कपूर उनके किरदार में हैं, जबकि तृप्ति डिमरी सपना दीदी (अशरफ) से इंस्पायर्ड रोल में हैं।
विवाद का कारण
हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख ने फिल्म के प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला और डायरेक्टर विशाल भारद्वाज को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फिल्म में उनके पिता की छवि नकारात्मक और गलत तरीके से दिखाई जा रही है, जिससे परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है।
नोटिस में 2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा गया है।
फिल्म की रिलीज रोकने या स्थगित करने की मांग की गई है।
कुछ रिपोर्ट्स में बाद में मुकदमा दायर करने और 1 करोड़ तक की मांग का भी जिक्र है।
सनोबर का कहना है कि शाहिद कपूर का लुक (हैट आदि) उनके पिता की पुरानी तस्वीरों से मिलता-जुलता है।
फिल्ममेकर्स ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि किरदार किसी रियल व्यक्ति से सीधे जुड़ा नहीं है, बल्कि “उस्तारा” एक हथियार (रेजर ब्लेड) को रेफर करता है। उन्होंने डिस्क्लेमर का हवाला दिया कि कोई समानता संयोगवश है।
फिल्म 13 फरवरी 2026 को वैलेंटाइन डे पर रिलीज हो रही है, जिसमें शाहिद के अलावा नाना पाटेकर, विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया, दिशा पाटनी जैसे कलाकार हैं।
कौन था खूंखार गैंगस्टर हुसैन उस्तारा?
हुसैन उस्तारा 1980-90 के दशक का मुंबई अंडरवर्ल्ड का एक खतरनाक गैंगस्टर था। वह दाऊद इब्राहिम के सबसे बड़े और दुर्लभ दुश्मनों में से एक माने जाते थे।
असली नाम: हुसैन शेख।
निकनेम “उस्तारा” एक खतरनाक फाइट के बाद पड़ा, जहां उसने ब्लेड (उस्तारा) से दुश्मन पर इतना गहरा घाव किया कि डॉक्टर हैरान रह गए (कंधे से नीचे तक लंबा कट)।
वह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, जबरन वसूली, तस्करी जैसे अपराधों में शामिल था।
दाऊद के कंट्रोल में काम करने से इनकार किया और सीधी टक्कर ली।
उसकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा सपना दीदी (अशरफ) से जुड़ा था। सपना दीदी ने दाऊद द्वारा पति (महमूद) की हत्या का बदला लेने के लिए उस्तारा से हाथ मिलाया, दाऊद को मारने की प्लानिंग की, लेकिन प्लान फेल हो गया और सपना दीदी की हत्या कर दी गई।
लेखक एस. हुसैन जैदी की किताबों (‘डोंगरी टू दुबई’, ‘माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई’) में उसका जिक्र है, जहां उसे ब्लेड-वाइल्डिंग और बहादुर गैंगस्टर बताया गया है।








