पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) में सीट बंटवारे को लेकर चली आ रही खींचतान अब लगभग खत्म हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व (हाईकमान) के बीच फोन पर हुई बातचीत ने मुख्य विवादों को सुलझा दिया है। यह बातचीत देर रात हुई, जिसमें अधिकांश सीटों पर सहमति बन गई, हालांकि करीब 12-13 सीटों पर अभी भी मामूली पेच बरकरार है।
क्या हुआ फोन कॉल में?
लालू यादव ने कांग्रेस हाईकमान से सीधे बात की, जिसमें सीटों की संख्या और विवादित क्षेत्रों पर फोकस रहा। इस बातचीत के बाद कल रात चली महागठबंधन की बैठक में बड़ा ब्रेकथ्रू हुआ। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी तेजस्वी यादव से मिले और लंबी चर्चा की।
आज (11 अक्टूबर) राबड़ी देवी के आवास पर इमरजेंसी बैठक हो रही है, जिसमें कांग्रेस, वीआईपी, लेफ्ट पार्टियां और अन्य सहयोगी शामिल हैं। औपचारिक ऐलान 12 या 13 अक्टूबर तक संभव है।
संभावित फॉर्मूला: दो मुख्य वर्जन
सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तेजस्वी यादव और लालू के नेतृत्व में तैयार हुआ है, लेकिन स्रोतों के आधार पर थोड़े अंतर हैं। कुल 243 सीटों में सभी दलों को 2020 के मुकाबले कम सीटें मिलेंगी। अगर कांग्रेस और वीआईपी दोनों गठबंधन में बने रहते हैं, तो आरजेडी को मुख्य लाभ मिलेगा।
आज तक रिपोर्ट (लगभग तय फॉर्मूला)लाइव हिंदुस्तान रिपोर्ट (अगर दोनों बने रहें)2020 की सीटें (तुलना के लिए)आरजेडी (RJD)135138144 कांग्रेस 555770 वीआईपी 1816 एनडीए में थी भाकपा-माले (CPI-ML)201819 सीपीआई 666सीपीएम444 जेएमएम (JMM)22नया शामिल आरएलपी (RLJP)22नया शामिल आईपी गुप्ता1-नया शामिलकुल243243243
नोट: अगर कांग्रेस या वीआईपी में से कोई गठबंधन तोड़ता है, तो आरजेडी 138+ सीटें ले सकती है और बाकी दलों को एडजस्ट करेगी। विवादित सीटें (जैसे शेखपुरा, सहरसा, घोसी) पर कैंडिडेट एडजस्टमेंट का फॉर्मूला अपनाया जाएगा।
जेएमएम को कटोरिया-मनिहारी जैसी सीटें, आरएलजेपी को कुशेश्वरस्थान या वैशाली मिल सकती है।








