सतना। मध्य प्रदेश के सतना से डरा देने वाला मामला सामने आया है। यहां करीब 25 साल पहले मर चुका व्यक्ति सरकारी कागजों में जिंदा हो गया है। वह सिर्फ जिंदा ही नहीं हुआ है, बल्कि मनरेगा में मजदूरी का काम भी कर रहा है और लगातार मजदूरी का पैसा भी निकाल रहा है। इसे सरकारी सिस्टम की लापरवाही कहा जाए या फिर जिम्मेदार अधिकारियों का भ्रष्टाचार कहा जाए. यह कोई अकेला मामला नहीं है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जिसमें जेल में बंद सजा काट रहा व्यक्ति भी मनरेगा में काम कर रहा है, उसके नाम पर भी मनरेगा का भुगतान किया है. फिलहाल, जांच की जा रही है।
मरे व्यक्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा
दरअसल, सतना जिले के मझगवां जनपद की झरी नकेला पंचायत से मनरेगा में गड़बड़ घोटाला उजागर हुआ है। इस घपले में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के शामिल होने आरोप लगे हैं। झरी नकेला पंचायत में 2017 से 2021 के बीच पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। पूर्व सरपंच राम सिंह, पूर्व पंचायत सचिव अजय कुमार यादव और पूर्व रोजगार सहायक चंद्रमोहन निगम की मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया गया है।
मनरेगा में फर्जीवाड़ा सामने आया
इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर मनरेगा के तहत गांव में सड़क और गौशाला बनवाने के नाम पर 3 लाख रुपए से भी ज्यादा पैसे निकाले हैं, जबकि गांव में ऐसा कुछ काम ही नहीं हुआ है। घोटाले को बड़ी सफाई से अंजाम दिया गया। सभी आरोपियों ने उन लोगों के नाम पर बैंक से पैसा निकाला जो वर्तमान में गांव में रहते ही नहीं हैं। हद तो तब हो गई जब 25 साल पहले मर चुके व्यक्ति और जेल में सजा काट रहे व्यक्तियों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर इन सभी ने पैसे निकाले गए हैं।
मामले की गहनता से जांच जारी
मामला तब उजागर हुआ, जब जांच में पता चला कि मृतक शिव बालक साहू 25 साल पहले इस दुनिया छोड़ चुके हैं। उनके नाम पर मनरेगा में काम दर्ज किया गया और पैसे निकाला गया। इतना ही नहीं अपहरण के मामले में जेल में सजा काट रहे ददोली जोशी के नाम पर भी 2017 से 2021 के बीच फर्जीवाड़ा कर सरकारी रकम हजम की गई है। फिलहाल शिकायत के बाद जांच में फर्जीवाड़ा होता दिखाई दे रहा है। दोषियों से गबन की हुई राशि की वसूली कर उन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
जांच के बाद दोषियों पर जल्द होगी कार्रवाई
इस मामले में जिला पंचायत सीईओ संजना जैन ने कहा, “मझगवां के झरी नकेला पंचायत की एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें एक मृत व्यक्ति के नाम पर मनरेगा का पैसा निकाला गया है. शुरुआती जांच में मरे व्यक्ति के नाम पर पैसा निकाला जाना दिखा तो रहा है. साथ ही इसमें पूर्व के कई सारे अधिकारी कर्मचारी ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहित उपयंत्री और सहायक यंत्री के नाम सामने आए हैं। फिलहाल मामले की अच्छे से जांच की जा रही है, जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे सभी पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

