राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के एक हालिया बयान ने भारतीय राजनीति में चर्चा को जन्म दिया है, जिसमें उन्होंने 75 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट का जिक्र किया। यह बयान नागपुर में “मोरोपंत पिंगले: द आर्किटेक्ट ऑफ हिंदू रिसर्जेंस” पुस्तक के लॉन्च के दौरान दिया गया, जहां भागवत ने कहा, “जब आपको कोई 75 साल का होने पर बधाई देता है, तो इसका मतलब होता है कि अब आपको रुक जाना चाहिए और दूसरों को काम करने का मौका देना चाहिए।”
इस बयान को शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा माना, जो सितंबर 2025 में 75 वर्ष के हो जाएंगे। राउत ने दावा किया कि भागवत का यह बयान पीएम मोदी को रिटायरमेंट का संदेश देता है, खासकर क्योंकि मोदी ने पहले लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं को 75 वर्ष की आयु में सक्रिय राजनीति से हटने के लिए कहा था।
हालांकि, इस दावे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल मई में स्पष्ट किया था कि भाजपा के संविधान में 75 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट का कोई लिखित नियम नहीं है, और पीएम मोदी 2029 तक नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि 2029 में मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे, जिससे रिटायरमेंट की अटकलों को खारिज किया गया।
दूसरी ओर, कुछ एक्स पोस्ट्स में भी इस बयान को मोदी के रिटायरमेंट से जोड़ा गया है, लेकिन ये दावे पुष्ट तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और केवल अटकलों को दर्शाते हैं।






