नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में शायद यह पहली बार होगा जब आरजेडी के नेता ने कांग्रेस के मंच पर हुई एक बेहद अप्रिय हरकत से साफ तरीके से कन्नी काटने की कोशिश की हो। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित और पार्टी सांसद राहुल गांधी के बीच गुरुवार को हुए जिस संवाद की भारी आलोचना हो रही है, उसपर आरजेडी एमपी मनोज झा ने भी कांग्रेस पार्टी की सोच से दूरी बना ली है।
मैं इसे अशोभनीय मानता हूं- आरजेडी सांसद
आजेडी सांसद मनोज झा ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में ‘रचनात्मक कांग्रेस नेशनल कन्वेंशन’ में राहुल गांधी और संदीप दीक्षित के बीच हुए बहुत ही आपत्तिजनक संवाद पर कड़ी आपत्ति जताई है और उन्होंने सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा पर शीतकालीन सत्र में दो दिनों तक चर्चा कराने की भी मांग की है।
संदीप जी (दीक्षित) ने जो बयान दिया वह गले नहीं उतरता, उसे मैं अशोभनीय मानता हूं। सवाल सिर्फ किसी हेड ऑफ द स्टेट का नहीं है, कोई भी महिला जो आपके व्यक्तव्य से उपहास का पात्र बने, ये उचित नहीं है।
मनोज झा, आरजेडी सांसद
‘हम भाषा की मर्यादा के लिए भी लड़ रहे’
उन्होंने कहा, ‘हम बीजेपी से सिर्फ राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। हम भाषा की मर्यादा और सार्वजनिक विमर्श के लिए भी लड़ रहे हैं। मैंने इस पर आपत्ति की थी और लिखा भी।’
‘आपसी संवाद की भाषा पर संसद में हो चर्चा’
इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और ’50 करोड़ की गर्ल्ड फ्रेंड’ वाला तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष संसद के शीतकालीन सत्र में कम से कम 48 घंटे इसपर चर्चा के लिए रखे कि एक-दूसरे से कैसे बात करनी चाहिए।’
‘हम भाषा की गरिमा को कैसे बनाए रखें?’
आरजेडी नेता का कहना है, ‘असहमति होगी। लोकतंत्र में हमें एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ना है। लेकिन, हम भाषा की गरिमा को कैसे बनाए रखें? मैं अक्सर इसके बारे में सोचता हूं।’
उन्होंने प्रोफेसर हीरेन मुखर्जी की एक किताब को लेकर अपने एक लेख का जिक्र करते हुए कहा कि ‘अगर पहली, दूसरी, तीसरी या चौथी लोकसभा के नेता धरती पर वापस आ जाएं और आज जिस स्तर की भाषा इस्तेमाल होती है उसे देखें तो उन्हें बहुत ही ज्यादा निराशा होगी।’
संदीप दीक्षित पीएम मोदी और मेलोनी पर आपत्तिजनक टिप्पणी
दरअसल ‘रचनात्मक कांग्रेस’ नाम के पार्टी के एक कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति का मजाक उड़ाने की कोशिश कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कहा कि पता नहीं कि इनके दिमाग में किसने यह बात डाल दी है कि ‘गले लगना ही विदेश नीति है।’
गले लगने वाली अपनी बात का डेमो दिखाने के लिए उन्होंने पूर्वी दिल्ली के पूर्व कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित को मंच पर बुलाया और उन्हें गले लगाकर दिखाया।
पहले तो संदीप दीक्षित राहुल से गले लगकर लौट गए। लेकिन, फिर तुरंत लौटे और राहुल गांधी से पूछा,’एक चीज पूछ सकता हूं क्या….(जॉर्जिया) मेलोनी (इटली की प्रधानमंत्री) समझकर तो नहीं पकड़ा था?’ इतना कहते ही वहां मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए और राहुल ने कहा ‘नहीं मैं अभी वहां तक नहीं पहुंचा हूं।’

