आदित्य शर्मा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर हिंदुओं को हिंसक कहे जाने के बयान को लेकर हंगामा शुरू हो गया है जिसमें यूनाइटेड हिंदू फ्रंट (यूएचएफ) की ओर से बुधवार को साधु संतों के मार्गदर्शन में जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने व उनको तुरंत नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की मांग की है। इस संबंध में राष्ट्रपति को भी एक ज्ञापन सौंपा गया और जिसकी प्रति लोकसभा स्पीकर व केंद्रीय गृह मंत्री को भी दी गई है। अगुवाई यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष व दिल्ली एनसीआर संत महामंडल के अध्यक्ष महंत नारायण गिरी जी महाराज ने की है।
बता दे कि वहीं, यूएचएफ के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व भाजपा नेता जय भगवान गोयल ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा है कि राहुल गांधी एक समुदाय विशेष को खुश करने के लिए बार-बार हिंदुओं और सनातनियों का अपमान करते रहते हैं और उनको अपने नेता विपक्ष होने की गरिमा का भी ध्यान नहीं है। मोदी सरकार की आलोचना करते-करते देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी रहने वाले लाखों हिंदुओं का अपमान कर रहे हैं। हिंदुओं को हिंसक कहकर न वह भारत की वसुधैव कटुम्बकम की भावना को आहत करने का घृणित कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पूरा विश्व जानता है कि ‘अहिंसा परमो धर्म:’ का उपदेश भगवान महावीर ने भारत की धरती से ही पूरी दुनिया को दिया था। आज सर्व धर्म सम्भाव के कारण ही भारत में आजादी के बाद मुसलमानों की संख्या दो करोड़ से बढ़कर 25 करोड़ की संख्या को पार कर चुकी है। राहुल गांधी ने लोगों को यह कहकर बहकाया कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बन गए तो तुम्हारा आरक्षण खत्म कर देंगे। अगर हिंदू हिंसक होता तो पांच लाख हिंदू कश्मीरियों को अपने ही देश में शरणार्थी बनकर नहीं रहना पड़ता है। प्रदर्शन में महंत दिगंबर श्याम गिरी जी महाराज, महंत नवल किशोर दास, महंत कंचन गिरी जी महाराज, महंत ललित गोस्वामी, धर्मेन्द्र बेदी, मनदीप गोयल, चौ. ईश्वर पाल सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।