कांग्रेस ने अपने सांसद इमरान मसूद का बचाव करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान का जवाब दिया है। हाल के विवाद में, इमरान मसूद ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर बयान दिया था कि कांग्रेस को किसी “बैसाखी” की जरूरत नहीं है, जिसका मतलब सपा पर तंज माना गया। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने 17 जून 2025 को कहा कि “हमें किसी के बयान से कोई फर्क नहीं पड़ता, इंडिया गठबंधन ‘Intact’ है, जिसको बाहर जाना है, वो चला जाए।”
कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इमरान मसूद का बयान पार्टी की आत्मनिर्भरता और मजबूती को दर्शाता है, न कि गठबंधन को तोड़ने की मंशा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने अखिलेश के बयान को “अनावश्यक” करार देते हुए जोर दिया कि इंडिया गठबंधन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एकजुट रहेगा।
हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह तकरार सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे और मुस्लिम वोट बैंक को लेकर अंतर्निहित तनाव को दर्शाता है, खासकर जब मसूद ने कहा कि “सबसे बड़ा वोट बैंक मुसलमान है, पीडीए में मुसलमान कहां है?” इस विवाद ने यूपी की सियासत में गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए हैं, लेकिन दोनों पार्टियां फिलहाल गठबंधन को बनाए रखने की बात कर रही हैं।








