छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के नेतृत्व में एक संगठित गिरोह द्वारा हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण और मानव तस्करी की साजिश का मामला सामने आया है। एक पीड़ित युवती, जो कर्नाटक की रहने वाली है, ने अपनी आपबीती में बताया कि उसे इंस्टाग्राम पर फर्जी हिंदू नाम “राजू राठौड़” (असली नाम वसीम) से संपर्क कर प्रेम जाल में फंसाया गया। उसे नौकरी का लालच देकर सऊदी अरब ले जाया गया, जहां धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और अमीर शेखों से निकाह कराने की साजिश रची गई।
सऊदी अरब में युवती को “सामान” कहकर संबोधित किया गया, और वहां उसे जबरन धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसे सहारनपुर लाया गया, जहां 13 दिसंबर 2024 को वसीम के चाचा फरमान और उसके दोस्तों द्वारा गैंगरेप किया गया। उसे सिगरेट से जलाया गया, चाकू से हमला हुआ, और 10 लाख रुपये की उगाही के लिए ब्लैकमेल किया गया। गोमांस खाने का दबाव भी बनाया गया, जिसे उसने ठुकरा दिया।
युवती ने बताया कि छांगुर बाबा का नेटवर्क बलरामपुर के मधपुर गांव से संचालित होता था, जो देश के 579 जिलों तक फैला था। इसमें 2000 गुर्गे शामिल थे, जो फर्जी हिंदू नामों से सोशल मीडिया पर युवतियों को फंसाते थे। ब्राह्मण, क्षत्रिय, और सिख युवतियों के धर्मांतरण के लिए 15-16 लाख रुपये तक की रकम दी जाती थी।
छांगुर बाबा ने विदेशी फंडिंग के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की, जिसमें पुणे में 16 करोड़ की जमीन भी शामिल है। उसने सऊदी अरब, दुबई, और तुर्की जैसे देशों की 40 से अधिक यात्राएं कीं और नेपाल के रास्ते हवाला से फंडिंग प्राप्त की।
यूपी एटीएस ने छांगुर बाबा, उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन, और अन्य को गिरफ्तार किया है। जांच में विदेशी कनेक्शन, हवाला, और अवैध संपत्तियों का खुलासा हुआ है। पीड़िता ने पुलिस और हिंदुत्ववादी संगठनों की मदद से इस जाल से निकलने में सफलता पाई, लेकिन उसे अब भी धमकियां मिल रही हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में फैला हुआ है, और गाजियाबाद में भी एक परिवार ने अपनी बेटी के 2019 से गायब होने का आरोप छांगुर बाबा और उसके सहयोगी बदर अख्तर सिद्दीकी पर लगाया है।








