रेलकर्मियों ने महाप्रबंधक से की समस्याओं पर चर्चा

 त्वरित कार्रवाई के निर्देश

हाजीपुर। पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर में मंगलवार को चार रेलकर्मियों और उनके आश्रितों ने महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को साझा किया। महाप्रबंधक ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

रेल प्रशासन ने रेलकर्मियों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक मंगलवार को महाप्रबंधक से मुलाकात का दिन निर्धारित किया है। इस प्रक्रिया के तहत, कर्मचारी अपने नाम पहले से कार्मिक विभाग में पंजीकृत करवा सकते हैं और निर्धारित दिन पर अपनी समस्याओं को सीधे महाप्रबंधक के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

महाप्रबंधक ने विश्वास दिलाया कि सभी शिकायतों का समाधान तेजी से किया जाएगा, ताकि रेलकर्मी और उनके परिवार के सदस्य विभागीय समस्याओं से राहत पा सकें।

  • Related Posts

    बिहार: क्षेत्रीय भाषा पर जोर, दिवाली के पहले आएगा पैसा, शिक्षा विभाग का फैसला

    बिहार के सरकारी स्कूल के बच्चों को क्षेत्रीय…

    Continue reading
    BJP विधायक विनय बिहारी धरना पर बैठे, बोले- ‘जब तक सम्राट चौधरी…’  

    लौरिया विधानसभा से बीजेपी के विधायक विनय बिहारी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

    ‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

    अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

    अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

    नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

    नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

    अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

    अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

    ‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

    ‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

    क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?

    क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?