संसद में नये अंदाज में दिखे राहुल गांधी, सत्तापक्ष को धकेल दिया बैकफुट पर

चरण सिंह
बीजेपी ने कभी कल्पना नहीं की होगी कि जिन राहुल गांधी को वह पप्पू कहकर मजाक बनाती रही वही राहुल गांधी लोकसभा में पूरी की पूरी भाजपा पर भारी पड़ जाएंगे। राहुल गांधी ने संविधान की कॉपी हाथ में लेकर भाषण की शुरुआत की। उन्होंने अहिंस की बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री यह कहकर कि भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया, अहिंसा का संदेश दिया पर उनके समर्थक हमेशा हिंसा और नफरत की बात करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही एक ईटरव्यू में राहुल गांधी के बारे में प्रश्न पूछने पर यह कह दिया हो कि कौन राहुल गांधी ? पर अब राहुल गांधी लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता हैं और जिस तरह से उन्होंने सीधा प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए उनकी हर योजना को धता बता दिया, उससे पूरा सत्ता पक्ष बौखला उठा। गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को देश से माफी मांगने की बात कर दी। चाहे प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट अग्निवीर योजना हो, नोट बंदी हो, जीएसटी हो, मणीपुर का मामला हो, किसान-मजदूर की पीड़ी हो, कर्जा माफी हो, एमएसपी पर कानून की गारंटी हो, नीट हो, अल्पसंख्यक हों हर मुद्दे पर सरकार को घेरा। राहुल गांधी की लोकसभा में भाषा शैली इतनी आक्रामक थी कि न केवल रक्षामंत्री और गृहमंत्री को खड़ा होना पड़ा बल्कि खुद प्रधानमंत्री को खड़ा होकर संविधान और लोकतंत्र का हवाला देते हुए प्रतिपक्ष नेता की बात को गंभीरता से लेने की बात कही।

दरअसल राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष बनने पर ओम बिरला को बधाई देत हुए अपने तेवर दिखा दिये थे। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए यह बताने की कोशिश की कि इस सरकार ने हर वर्ग में भय का माहौल बना रखा है। कृषि कानूनोंं की चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने प्रधनामंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा उन्होंने ये कानून अडानी और अंबानी के फायदे के लिए लाये गये थे। उन्होंने नोटबंदी में लोगों को हुई परेशानी का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने जिस अंदाज में लोकसभा में अपना भाषण दिया उसके आधार पर कह सकते हैं कि राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि न तो पिछली लोकसभा की तरह कमजोर कांग्रेस है और न ही कमजोर विपक्ष। मतलब सरकार मनमानी नहीं कर पाएगी। राहुल गांधी फ्लो में लोकसभा अध्यक्ष पर भी उंगली उठा गये। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष भी झुककर प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते हैं। उन्होंने विपक्ष को अपना दुश्मन न समझने की बात कही।

दरअसल गत लोकसभा में विपक्ष की कमजोरी का फायदा उठाकर बड़े स्तर पर सांसदों का निष्कासन किया गया था। खुद राहुल गांधी की सदस्यता चली गई थी। हालांकि लंबी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से फिर से उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी। इसमें दो राय नहीं कि राहुल गांधी ने इन दिनों में अपनी भाषा शैली में जबर्दस्त सुधार किया है। इन दिनों में उनका संघर्ष भी देखने लायक रहा है। कहना गलत न होगा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस से हाथ मिलाने के बाद ही समाजवादी पार्टी की ३७ सीटें आई हैं। यह माना जा रहा है कि देश का मुसलमान राहुल गांधी को अपना मानता है। राजनीतिक हलके में राहुल गांधी के भाषण की तारीफ की जा रही है।

  • Related Posts

    क्या लोकतंत्र शासकों के हुक्म का नाम है या लोगों के अधिकारों का?

    संजय के. झा   (मूल अंग्रेजी से हिन्दी…

    Continue reading
    जाति का विनाश’: संतराम बीए, आंबेडकर और गांधी के बीच वाद-विवाद और संवाद

    सिद्धार्थ रामू संतराम बीए (14 फरवरी, 1887 –…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    किसान सभा की मांग पर 64.7% अतिरिक्त मुआवजे के वितरण के आदेश लखनऊ से जारी

    किसान सभा की मांग पर 64.7% अतिरिक्त मुआवजे के वितरण के आदेश लखनऊ से जारी

    अपनी दुर्दशा पर रो रहा नयाबास का सरकारी स्कूल, महीनों गायब रहती हैं शिक्षका, पानी और शौचालय का दुरुस्त व्यवस्था नहीं  

    अपनी दुर्दशा पर रो रहा नयाबास का सरकारी स्कूल, महीनों गायब रहती हैं शिक्षका, पानी और शौचालय का दुरुस्त व्यवस्था नहीं  

    जंतर-मंतर पर पुलिसवालों के नेम टैग क्यों गायब? CPI सांसद ने अमित शाह को लिखा लेटर!

    जंतर-मंतर पर पुलिसवालों के नेम टैग क्यों गायब? CPI सांसद ने अमित शाह को लिखा लेटर!

    फॉर्म 6 पर SC की टिप्पणी से बवाल, कांग्रेस और CJP बोली- ‘…तो CEC ने झूठ बोला’

    फॉर्म 6 पर SC की टिप्पणी से बवाल, कांग्रेस और CJP बोली- ‘…तो CEC ने झूठ बोला’

    क्या लोकतंत्र शासकों के हुक्म का नाम है या लोगों के अधिकारों का?

    क्या लोकतंत्र शासकों के हुक्म का नाम है या लोगों के अधिकारों का?

    Rajya Sabha : बीजेपी ने घोषित किये 8 प्रत्याशी, बनाया जातीय समीकरण! 

    Rajya Sabha : बीजेपी ने घोषित किये 8 प्रत्याशी, बनाया जातीय समीकरण!