लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि उन्हें संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने 26 मार्च 2025 को संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब भी वह सदन में अपनी बात रखने के लिए खड़े होते हैं, उन्हें बोलने से रोका जाता है। राहुल ने यह भी कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें सदन की मर्यादा और नियमों का पालन करने की नसीहत दी, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला, और कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य बताया, यह कहते हुए कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है और सदन को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है।
इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, और अन्य दलों के नेता शामिल थे, ने 27 मार्च 2025 को स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और इस बात पर चिंता जताई कि राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने एक पत्र सौंपकर इस मुद्दे को उठाया।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने राहुल के आरोपों का खंडन किया है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि राहुल गांधी के बयान गलत हैं और सदन में माइक बंद करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
यह विवाद संसद में विपक्ष की भूमिका और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर तनाव को दर्शाता है। क्या आप इस मुद्दे पर और जानकारी चाहेंगे, जैसे कि विशिष्ट घटनाओं का विवरण या इस पर अन्य दलों की प्रतिक्रिया?

