उन्होंने बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भी सवाल उठाए, इसे “मैच फिक्सिंग” करार दिया और कहा कि SC, ST, OBC, और अल्पसंख्यक समुदायों के वोट काटे जा रहे हैं। गांधी ने चेतावनी दी कि इस मामले में शामिल अधिकारियों को, चाहे वे सेवानिवृत्त हों, सजा दी जाएगी, इसे “राष्ट्रद्रोह” से कम नहीं बताया। कांग्रेस 5 अगस्त को बेंगलुरु में इन सबूतों को सार्वजनिक करने की योजना बना रही है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को “निराधार” और “गैर-जिम्मेदाराना” बताकर खारिज किया है, यह कहते हुए कि वे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं। आयोग ने कहा कि ऐसी शिकायतों के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
यह विवाद बिहार विधानसभा चुनाव से पहले और गहरा गया है, जहां विपक्ष SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन इसकी वैधता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, कहा यह संस्था मर चुकी है

नई दिल्ली। राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग (EC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं, दावा करते हुए कि यह संस्था “मर चुकी है” और 2024 के लोकसभा चुनावों में धांधली हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें वे “एटम बम” की तरह सामने लाएंगे। गांधी ने विशेष रूप से कर्नाटक, मध्य प्रदेश, और महाराष्ट्र के चुनावों में मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया, जिसमें लाखों नए वोटरों को जोड़ा गया और कई पुराने वोटरों के नाम हटाए गए। उनका दावा है कि यह सब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में किया गया।
