बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों का हाथ आप सांसद के सिर पर
योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास से अलग हटकर जनहित के मुद्दों पर खेलेंगे राघव
राज्य सभा में जनहित के मुद्दों को उठाकर युवाओं में पैठ बना रहे हैं राघव
चरण सिंह
राघव चड्ढा अरविंद केजरीवाल के लिए आफत बनने वाले हैं। भले ही राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगायी जा रही हों पर राघव चड्ढा अपनी अलग पार्टी बनाकर जनहित मुद्दों पर खेल सकते हैं। जनहित के मुद्दों को लेकर यदि वह अलग पार्टी बनाएं तो काफी स्तर पर दिल्ली का यूथ उनके साथ खड़ा हो सकता है। ऐसे में केजरीवाल को सबक सिखाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों का साथ उन्हें मिल सकता है।
दरअसल देखने में आता है कि लगभग सभी पार्टियां जनहित के मुद्दों को उठाने की बजाय अपनी पार्टी के इर्द गिर्द आवाज उठती प्रतीत होती है। जनहित के मुद्दे किस भी सदन से दोस्तों दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में जब राघव चड्ढा ने जब आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया तो वह आम आदमी के चेहते सांसद बन गए हैं। चाहे इनकमिंग कॉल की बात हो या फिर एअरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय की बात हो। या फिर दूसरे मुद्दे सभी मामलों ने आम आदमी के दिल को छुआ है। हाइजीन की बात हो या फिर मिलावट का मामला सभी मुद्दे जनता से जुड़े हैं। ऐसे में राघव के जनहित में उठाए मुद्दों को आम आदमी पार्टी बीजेपी के खिलाफ नहीं मानती है।
दिलचस्प बात यह है कि आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर बीजेपी से डरने का आरोप लगाया है। इन नेताओं का कहना है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी हुई चड्ढा कुछ नहीं बोले। चड्ढा हार्ड मुद्दों को न उठाकर सॉफ्ट मुद्दे उठा रहे हैं। मतलब सांसद और विधायक पार्टी से जुड़े मुद्दे ही उठाते रहें जनहित के मुद्दे तो कोई पार्टी उठाना ही नहीं चाहती। राघव चड्ढा तो वह मुद्दे उठा रहे हैं जो जान प्रतिनिधियों को उठाने चाहिए। आम आदमी पार्टी को राघव चड्ढा को सम्मानित करना चाहिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी की छवि को निखारा है।
दरअसल राघव चड्ढा ने उस समय चुप्पी साध ली थी जब अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी हुई थी। जब केजरीवाल की रिहाई हुई तब भी राघव ने कोई पोस्ट नहीं डाली थी। ऐसे में आम आदमी पार्टी नेतृत्व लम्बे समय से उनसे नाराज चल रहा था। आम आदमी पार्टी को समझ लेना चाहिए की राघव चड्ढा योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास, शाजिया इल्मी, स्वाति मालीवाल साबित नहीं होंगे। राघव चड्ढा केजरीवाल एन्ड टीम का जीना मुश्किल कर देंगे। उनके पीछे बीजेपी और कांग्रेस दोनों हैं। वैसे भी उन्होंने एक पोस्ट जारी कर दिया है। उनका कहना है कि उनकी ख़ामोशी को उनकी हार न समझा जाए।
दरअसल हाल ही में AAP ने राज्यसभा में राघव चड्ढा को पार्टी का डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है और उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को नियुक्त किया है। साथ ही, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने का समय न देने की अपील की है।
पार्टी आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने बयान जारी किया है कि कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए? पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो…” यह पोस्ट राघव चड्ढा के हालिया संसदीय भाषणों और पार्टी लाइन से कथित दूरी को लेकर आई है। ढांडा ने आरोप लगाया कि राघव छोटे-मोटे मुद्दों (जैसे एयरपोर्ट कैंटीन के समोसे) पर बोलते हैं, जबकि गुजरात में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, पश्चिम बंगाल में वोट अधिकार जैसे बड़े मुद्दों पर चुप रहते हैं।
पार्टी आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने बयान जारी किया है कि कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए? पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो…” यह पोस्ट राघव चड्ढा के हालिया संसदीय भाषणों और पार्टी लाइन से कथित दूरी को लेकर आई है। ढांडा ने आरोप लगाया कि राघव छोटे-मोटे मुद्दों (जैसे एयरपोर्ट कैंटीन के समोसे) पर बोलते हैं, जबकि गुजरात में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, पश्चिम बंगाल में वोट अधिकार जैसे बड़े मुद्दों पर चुप रहते हैं।
राघव चड्ढा का रिएक्शन
पद हटाए जाने के कुछ घंटों बाद राघव चड्ढा ने अपने X अकाउंट पर संसद में उठाए गए अपने मुद्दों का वीडियो क्लिप शेयर किया (बिना सीधे पार्टी पर टिप्पणी किए)। बाद में उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा:
“मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना… मैं वो दरिया हूँ, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”
राघव चड्ढा AAP के युवा और आक्रामक चेहरों में से एक रहे हैं। उन्होंने संसद में NEET पेपर लीक, मिडिल क्लास बजट, मेनstrual हाइजीन, फॉरेन पॉलिसी जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार की काफी आलोचना की है।
“मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना… मैं वो दरिया हूँ, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”
राघव चड्ढा AAP के युवा और आक्रामक चेहरों में से एक रहे हैं। उन्होंने संसद में NEET पेपर लीक, मिडिल क्लास बजट, मेनstrual हाइजीन, फॉरेन पॉलिसी जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार की काफी आलोचना की है।

