रीवा । चार श्रम विरोधी कानून वापस लिए जाने, मनरेगा को बहाल किए जाने, एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून बनाए जाने, भारत अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता रद्द किए जाने सहित तमाम राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त किसान मोर्चा एवं ट्रेड यूनियन के संयुक्त आवाहन पर 10 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुआ। एसकेएम के नेता शिव सिंह ने बताया कि रीवा रतहरा में किसानों मजदूरों ने काली पट्टी बांध सरकार के किसान मजदूर नौजवान विरोधी कानूनों की पट्टियां लहराते हुए नारेबाजी के साथ किसान मजदूर विरोधी कानूनों की प्रतियां जलाकर कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार का यदि यही रवैया रहा तो आगामी 26 नवंबर से देश भर में पक्के मोर्चे लगाए जाएंगे।
राष्ट्रीय आवाहन को लेकर रीवा सिरमौर सेमरिया मऊगंज सतना सीधी सिंगरौली सहित तमाम इलाकों में विरोध प्रदर्शन किए गए। दौरान विरोध प्रदर्शन मोर्चे के नेता संतकुमार पटेल पुष्पेंद्र सिंह एड खुशीलाल पटेल आरके सिंह केपी साकेत राजेश पटेल मुनिराज पटेल जय पटेल फौजी कैलाश पटेल अखिलेश पटेल रमेश वर्मा संतोष पटेल मजदूर यूनियन से छोटेलाल सकेत रामकलेश यादव गणेश साकेत रमेश साकेत राजू यादव राजबहादुर पटेल गोविंद साकेत जगजीवन साकेत कमलेश साकेत राजबहादुर राजेंद्र कुशवाहा छोटेलाल यादव राजबहादुर पटेल लाला कहार रवी कुशवाहा अलगू साकेत आदि सैकड़ो की संख्या में किसान मजदूर उपस्थित रहे।

