संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमित शाह पर चुनावी सुधारों (SIR – Special Intensive Revision) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का खुलकर समर्थन किया। चतुर्वेदी ने कहा कि यह सरकार चुनावी सुधारों पर सार्थक बहस से बच रही है और नेहरू-गांधी परिवार पर व्यक्तिगत हमले करके मुद्दे को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
क्या हुआ संसद में?
अमित शाह का भाषण: बुधवार (10 दिसंबर 2025) को लोकसभा में अमित शाह ने चुनावी सुधारों और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। लेकिन विपक्ष का कहना है कि उन्होंने मुख्य मुद्दों पर स्पष्ट उत्तर देने के बजाय कांग्रेस, नेहरू-गांधी परिवार और प्रियंका गांधी पर कटाक्ष किए। उदाहरण के लिए, उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और परिवारवाद पर तंज कसे, जिससे बहस मूल मुद्दे से भटक गई।
विपक्ष की मांग: विपक्ष, खासकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी), SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और घुसपैठियों को हटाने के दावों पर सवाल उठा रहा था। राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक चुनाव का उदाहरण देकर आरोप लगाया कि BJP मतदाता सूची में हेराफेरी कर रही है।
विपक्ष की मांग: विपक्ष, खासकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी), SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और घुसपैठियों को हटाने के दावों पर सवाल उठा रहा था। राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक चुनाव का उदाहरण देकर आरोप लगाया कि BJP मतदाता सूची में हेराफेरी कर रही है।
प्रियंका चतुर्वेदी का बयान
गृह मंत्री का भाषण चुनाव सुधारों पर केंद्रित होना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसका उपयोग कांग्रेस और गांधी परिवार पर कटाक्ष करने के लिए किया। कोई सफाई नहीं दी गई, सिर्फ गोल-मोल बातें। यह घमंड और अहंकार दिखाता है।”
उन्होंने प्रियंका गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि अमित शाह ने नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास पर झूठे आरोप लगाए, जो असंसदीय थे। चतुर्वेदी ने इसे सरकार की नाराजगी का संकेत बताया और कहा कि BJP मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
अन्य विपक्षी नेता जैसे कांग्रेस के राजीव शुक्ला और प्रमोद तिवारी ने भी अमित शाह की आलोचना की, कहा कि वे हर बहस में नेहरू को घसीटते हैं और सटीक जवाब नहीं देते।
उन्होंने प्रियंका गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि अमित शाह ने नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास पर झूठे आरोप लगाए, जो असंसदीय थे। चतुर्वेदी ने इसे सरकार की नाराजगी का संकेत बताया और कहा कि BJP मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
अन्य विपक्षी नेता जैसे कांग्रेस के राजीव शुक्ला और प्रमोद तिवारी ने भी अमित शाह की आलोचना की, कहा कि वे हर बहस में नेहरू को घसीटते हैं और सटीक जवाब नहीं देते।








