ईसाई समुदाय के ऊपर हो रही हिंसा पर रोक के लिए हस्तक्षेप करें राष्ट्रपति

एआईपीएफ प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली, राष्ट्रपति सचिवालय में दिया पत्रक

 

नई दिल्ली । आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट को देश के विभिन्न हिस्सों से ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा बड़ी संख्या में उनके विरुद्ध बढ़ती हिंसा, धमकी, उत्पीड़न एवं असुरक्षा की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन नागरिकों ने एआईपीएफ से अनुरोध किया है कि इस विषय को सरकार एवं संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष उठाया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षा मिल सके और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो। इन शिकायतों पर आज एआईपीएफ के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति सचिवालय में जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित पत्रक सौंपा। एआईपीएफ के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी द्वारा भेजे गए पत्रक को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनकर कपूर और राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य राजेश सचान ने नई दिल्ली में दिया।

पत्रक में यूनाइटेड क्रिश्चियन फोरम के आंकड़ों को देते हुए कहा गया कि पिछले दस सालों में ईसाई विरोधी घटनाओं में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इनमें से तीन-चौथाई से अधिक मामले केवल पाँच राज्यों उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, कर्नाटक और मध्य प्रदेश से हैं। उनमें सर्वाधिक मामले उत्तर प्रदेश में हुए हैं। इस हिंसा एवं उत्पीड़न के प्रमुख मामलों में पादरियों, ननों एवं सामान्य ईसाई नागरिकों पर हमले, गिरजाघरों एवं प्रार्थना सभाओं पर आक्रमण, सामाजिक एवं आर्थिक बहिष्कार, तथाकथित धर्मांतरण विरोधी कानूनों का दुरुपयोग, मनमानी गिरफ्तारियाँ, तथा दफनाने के अधिकार में बाधा डाली गई है। इनमें से अनेक मामलों में पुलिस एवं प्रशासन की निष्क्रियता अथवा पक्षपातपूर्ण रवैया रहता है, जिससे ईसाई समुदाय भय एवं असुरक्षा के वातावरण में जीने को विवश है। यह सबकुछ संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 व 28 का खुला उल्लंघन है। साथ ही, यह स्थिति भारत के अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों के भी प्रतिकूल है। यह भी कि संविधान राज्य पर यह दायित्व डालता है कि वह सभी नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यकों, के जीवन, गरिमा एवं धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करे।

राष्ट्रपति महोदया से मांग की गई कि संवैधानिक प्रमुख होने के नाते वह हस्तक्षेप करें और

केंद्र एवं राज्य सरकारों को अल्पसंख्यकों, विशेषकर ईसाई समुदाय, की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी कदम उठाने का परामर्श दें; सभी मामलों में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने हेतु निर्देश दें; धर्मांतरण विरोधी कानूनों के दुरुपयोग की समीक्षा सुनिश्चित करें; अल्पसंख्यक संरक्षण से संबंधित संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाओं को सक्रिय एवं सशक्त बनाने हेतु आवश्यक पहल करें।

दिनकर कपूर

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष

आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट।

 

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