जहरीला आम, लापरवाह आम अवाम!

दीपक कुमार तिवारी 

बिहार में आम केला और अन्य फलों को जल्दी पकने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है, पर क्या आपको पता है कि कैल्शियम कार्बाइड इस्तेमाल किए गए फल खाने से आपके आंत क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।कैल्शियम कार्बाइड एक रासायनिक पदार्थ है जिसके इस्तेमाल पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बैन लगा रखा है। इस रसायन के अवशेष आमों में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।​FSSAI के अनुसार, कैल्शियम कार्बाइड को ‘चूना पत्थर’ भी कहा जाता है, एक रासायनिक यौगिक है। भारत में इसका इस्तेमाल फलों को जल्दी पकाने के लिए किया जाता है। इस तरह के पके फल खाने से पेट में अल्सर, अनिद्रा, दिमाग की दिक्कतें, तंत्रिका तंत्र की खराबी और लीवर की समस्या भी हो सकती है।कुछ लोग कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग फलों, खासकर आमों को जल्दी पकाने के लिए करते हैं। यह एक खतरनाक और गैरकानूनी तरीका है। FSSAI ने भारत में इस पर बैन लगा रखा है। पर बिहार के किराना दुकानों में यह आपको आसानी से मिल जाता है बिहार में थोक फल विक्रेता भी फल पकाने में इसका इस्तेमाल करते हैं।कैल्शियम कार्बाइड और एसीटिलीन गैस दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनके संपर्क में आने से सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, और चक्कर आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। कैल्शियम कार्बाइड से पके फल स्वादहीन और कम पौष्टिक होते हैं। इसके अलावा, इनमें हानिकारक रसायन भी हो सकते हैं जो सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।कैल्शियम कार्बाइड से पके आमों का रंग असमान होता है। कुछ हिस्से हरे, कुछ पीले, और कुछ लाल रंग के हो सकते हैं।

इन आमों में असामान्य चमक होती है, जो प्राकृतिक रूप से पके आमों में नहीं होती है।इन आमों पर अधिक झुर्रियां हो सकती हैं, खासकर डंठल के पास।
कैल्शियम कार्बाइड से पके आमों में तेज और अप्रिय गंध होती है, जो एसीटिलीन गैस की वजह से होती है।
कैल्शियम कार्बाइड से पके आमों का स्वाद कच्चा या अधपका हो सकता है, भले ही वे दिखने में पके हुए लगें।इन आमों में कम मिठास होती है और वे स्वादहीन भी हो सकते हैं।कैल्शियम कार्बाइड से पके आम बाहर से कठोर हो सकते हैं, भले ही वे अंदर से नरम हों।पकने के बाद भी, ये आम असामान्य रूप से मुलायम हो सकते हैं।
कैल्शियम कार्बाइड से पके आम अक्सर सस्ते दामों पर बिकते हैं।ये आम मौसम से पहले या बाद में बाजार में आ सकते हैं।यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण को देखते हैं, तो यह संभावना है कि आम कैल्शियम कार्बाइड से पके हुए हैं। ऐसे आमों का सेवन न करना ही बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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