बीजेपी के गले की फ़ांस बन सकते हैं अविमुक्तेश्वरानंद
चरण सिंह
राजनीति में किसी भी प्रकार से विरोधी को निपटाना होता है। बीजेपी राज में गाय का कटान होता रहे। मांस निर्यात में देश दूसरे नंबर पर आ जाए। हिन्दू धर्म के लिए जो कुछ संरक्षित होना चाहिए उस पर कोई काम न हुआ हो पर बीजेपी और उसके नेताओं पर किसी को उंगली नहीं उठाने दी जाएगी। जब हिंदुत्व का ब्रांड बन चुके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय को गौ माता का दर्जा देने की चेतावनी दे दी और 10 मार्च से लखनऊ में डेरा डालने की बात कर दी तो तमाम तरह की ख़बरें बाज़ार में आने लगी।
योगी ने गाय को राज्य माता का दर्जा तो नहीं दिया पर शंकराचार्य पर पोक्सो एक्ट जरूर जरूर लग गया। वह भी एक हिस्ट्रीशीटर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा। शंकराचार्य पर बाल योन शोषण का आरोप लगा है।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि यह आरोप शंकराचार्य पर उस समय ही क्यों लगा जब उन्होंने योगी आदित्यनाथ को हिंदुत्व का चेहरा साबित करने की चेतावनी दी हो। योगी के खिलाफ मोर्चा खोला हो। जब आप हिंदुत्व के ठेकेदार बने घूम रहे हैं और आपके राज में गाय का कटान क्यों हो रहा है ? मांस का निर्यात हो रहा है ? तो सवाल तो पूछा ही जाएगा। मतलब हिंदुत्व का राग बस वोटबैंक के लिए ही अलापना है ? शंकराचार्य पर कितने भी आरोप लग जाएं, भले ही उनको जेल में डाल दिया पर शंकराचार्य ने योगी ही नहीं पूरी की पूरी बीजेपी को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
माघ मेले में शंकराचार्य को शाही स्नान करने से रोकने सीएम योगी के उनको कालनेमी बताने और शंकराचार्य के योगी को ओरंगजेब बताने के बाद योगी और शंकराचार्य के बीच खुली जंग शरू हो गई। 10 मार्च से शंकराचार्य लखनऊ में डेरा डालने जा रहे हैं। उससे पहले उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। स्वामी प्रेमानंद भी शंकराचार्य के पक्ष में आ गए हैं। ऐसे में बीजेपी को चिंता यह सता रही है कि शंकराचार्य की गिरफ्तारी होने के बाद कहीं चारों शंकराचार्य उनके पक्ष में ने खड़े हो जाए। कहीं हिन्दुओं में गलत संदेश न चला जाए।
दरअसल आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज के POCSO स्पेशल कोर्ट में शिकायत दायर की थी, जिसमें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (ज्योतिष पीठ, बद्रीनाथ) और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि पर माघ मेला-महाकुंभ 2025 के दौरान शिविर में नाबालिग बटुकों (14 और 17 वर्षीय) के यौन शोषण/उत्पीड़न (POCSO एक्ट के तहत) का आरोप लगाया गया।
21 फरवरी 2026 को प्रयागराज की ADJ (POCSO) स्पेशल कोर्ट ने शिकायत पर झूंसी थाने में FIR दर्ज करने का आदेश दिया। FIR में POCSO एक्ट की धाराएं (3, 4, 5, 6, 9, 17 आदि) और BNS की संबंधित धाराएं लगाई गईं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया में भी आरोप दोहराए, जिसमें पीड़ित बच्चों के मेडिकल रिपोर्ट का हवाला भी दिया गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को झूठा और साजिश बताया है, कहा कि बच्चे उनके गुरुकुल में कभी आए ही नहीं और CCTV फुटेज से साबित होगा। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को “क्रिमिनल” और “इतिहासशीटर” कहा है। यह मामला वर्तमान में प्रयागराज पुलिस जांच में है (पीड़ितों के बयान, मेडिकल आदि चल रहे हैं), और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को झूठा और साजिश बताया है, कहा कि बच्चे उनके गुरुकुल में कभी आए ही नहीं और CCTV फुटेज से साबित होगा। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को “क्रिमिनल” और “इतिहासशीटर” कहा है। यह मामला वर्तमान में प्रयागराज पुलिस जांच में है (पीड़ितों के बयान, मेडिकल आदि चल रहे हैं), और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।






