4 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता बदल गया है। अब यह साउथ ब्लॉक से शिफ्ट होकर ‘सेवा तीर्थ’ (Seva Teerth) कॉम्प्लेक्स में स्थित है।
यह बदलाव सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत हुआ है, जो ब्रिटिश कालीन इमारतों से आधुनिक और ‘सेवा’ की भावना वाले परिसर की ओर भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को ले जा रहा है।
मुख्य बातें
पुराना पता: साउथ ब्लॉक (1947 से स्वतंत्रता के बाद से लगातार यहीं से काम चल रहा था, यानी करीब 78-79 साल)।
नया पता: ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स (विशेष रूप से सेवा तीर्थ-1 बिल्डिंग में PMO)। यह परिसर दारा शिकोह रोड (पूर्व में दलहौजी रोड) पर रायसीना हिल के पास स्थित है।
परिसर की संरचना:
सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)।
सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय (पहले से शिफ्ट हो चुका, सितंबर 2025 में)।
सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का कार्यालय और NSCS।
लागत और निर्माण: पूरा ‘सेवा तीर्थ’ परिसर (जिसे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव भी कहा जाता था) लगभग ₹1,189 करोड़ की लागत से लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने बनाया है। क्षेत्रफल करीब 2,26,203 वर्ग फीट है।
खासियतें: आधुनिक ओपन-फ्लोर वर्कस्पेस, सरल लेकिन भव्य डिजाइन, ‘सेवा’ की थीम पर आधारित सेरेमोनियल रूम। पुरानी बंद दीवारों की बजाय खुले और कुशल कार्यस्थल।
साउथ ब्लॉक का भविष्य: PMO के जाने के बाद साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ (Yuge Yugeen Bharat Sangrahalaya) में बदल दिया जाएगा, जहां औपनिवेशिक काल से आजादी तक की इतिहास प्रदर्शित होगी।
यह बदलाव सिर्फ जगह का नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक कदम है – ‘सेवा’ और नए भारत की कार्य संस्कृति को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से नए परिसर से कामकाज संभाल रहे हैं।







