13 सितंबर इम्फाल/चुराचांदपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मणिपुर पहुंच चुके हैं। यह उनका 2023 में हुए जातीय हिंसा के बाद राज्य का पहला दौरा है। मिजोरम से होते हुए इम्फाल एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद वे सड़क मार्ग से चुराचांदपुर रवाना हो चुके हैं। वहां शांति ग्राउंड पर लगभग 12:30 बजे विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
दौरा का शेड्यूल:
चुराचांदपुर (कुकी बहुल इलाका): ₹7,300 करोड़ की परियोजनाओं का फाउंडेशन स्टोन, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से मुलाकात, और जनसभा।
इम्फाल: ₹1,200 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन, कंगला फोर्ट में कार्यक्रम।
कुल निवेश: ₹8,500 करोड़ (सड़कें, हाईवे, महिला हॉस्टल आदि)।
सुरक्षा चाक-चौबंद है, इम्फाल और चुराचांदपुर में हर 100 मीटर पर फोर्स तैनात। भारी बारिश के बावजूद कार्यक्रम निर्धारित हैं।
प्रियंका गांधी का बयान : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड (केरल) में पीएम के दौरे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “मैं खुश हूं कि उन्होंने 2 साल बाद फैसला किया कि मणिपुर जाना लायक है। उन्हें बहुत पहले जाना चाहिए था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने वहां हो रही घटनाओं को इतने लंबे समय तक चलने दिया, इतने लोगों की हत्या हुई, इतना दर्द झेला गया। यह भारत के प्रधानमंत्रियों की परंपरा नहीं रही। स्वतंत्रता के बाद से, चाहे किसी भी पार्टी के हों, जहां दर्द हो, पीड़ा हो, वे जाते थे। उन्होंने 2 साल बाद इसे पूरा किया, पहले सोचना चाहिए था।”
यह बयान पीएम के दौरे से ठीक पहले आया, जो विपक्ष की लंबे समय से की जा रही आलोचना को दोहराता है।
पृष्ठभूमि:
2023 में मेइती-कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा से 260+ मौतें, 60,000+ विस्थापित।
फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन।
विपक्ष (कांग्रेस, CPI(M)) इसे “बहुत देर से” बता रहा है। राहुल गांधी ने कहा, “मणिपुर का मुद्दा लंबे समय से चला आ रहा है, अब जाना अच्छा है, लेकिन देश का मुख्य मुद्दा ‘वोट चोरी’ है।”

