पीएम मोदी ने बुधवार को राज्यसभा सांसदों के लिए फेयरवेल स्पीच दी। उन्होंने कहा कि आदरणीय देवेगौड़ा जी, मल्लिकार्जुन खरगे जी, शरद पवार जी ऐसे वरिष्ठ लोग हैं। जिनकी आधी उम्र संसदीय कार्य प्रणाली में गई है। हमें इनसे सीखना चाहिए कि समाज में जो जिम्मेदारी मिली है, उसके प्रति कैसे समर्पित रहना चाहिए।
खरगे और शरद पवार का किया जिक्र
राज्यसभा में जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उन्हें लेकर धन्यवाद भाषण के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष के कई सांसदों की जमकर तारीफ की। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और दिग्गज नेता शरद पवार का जिक्र कर उन्होंने कहा कि मैं उनके योगदान की सराहना करूंगा। इतना लंबा कार्यकाल छोटा नहीं होता। उसी प्रकार से उप सभापति हरिवंश जी भी विदाई ले रहे हैं। राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने चेयर से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और डिप्टी चेयरमैन हरिवंश समेत 25 राज्यों के 59 सदस्य कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कहां से शुरू करें, यह समझ नहीं आता. विदाई के जिक्र से ही दिल भर आता है। राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर्ड भी नहीं होते, टायर्ड भी नहीं होते। हर आदमी संपूर्ण ज्ञानी नहीं होता. मुझे 54 साल के संसदीय जीवन के बाद भी सीखने की जरूरत पड़ती है। सदन में बहुत से खट्टे-मीठे अनुभव रहे हैं. जो लोग विदा ले रहे हैं, उनमें से बहुत से लोग फिर से सदन में आएंगे।
देवगौड़ा को लेकर ली चुटकी
खरगे ने कहा कि सदन को और बेहतर बनाने के लिए और प्रयासों की जरूरत है। देवगौड़ा जी हैं, प्रधानमंत्री भी रहे। उनके साथ काम भी किया है, जानें क्या हुआ उनको कि प्रेम हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ. अठावले साहब हैं, उनकी कविता भी सिर्फ मोदी साहब पर आती है। हमारे मुखर साथी शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की बात करते हुए भावुक होता हूं। ज्वलंत मुद्दों पर पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखी। फूलोदेवी नेताम कमजोर तबके की बातों को सदन में आगे भी मजबूती से रखेंगी। हम जितना मिलकर काम करेंगे, उतना अच्छा है. जितना ही दूरी रखेंगे, उतनी मिसअंडरस्टैंडिंग होगी।

